

HIGHLIGHTS
डोनाल्ड ट्रंप की हार के बाद ईरान हुआ खुश
ईरान ने कहा- जनता ने अपनी ताकत का उपयोग किया
चीन ने अमेरिका के साथ एक स्थिर संबंध बनाने का न्योता दिया
Reuters ने कहा- डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस पर कब्जा किया
Why Democrats Won: अमेरिका मिडटर्म चुनाव के परिणामों से आने वाले 2 सालों का गणित साफ नजर आ रहा है जहां डोनाल्ड ट्रंप को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। जनवरी 2026 में ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध से लेकर अभी तक ट्रंप सुर्खियों में रहे।
अमेरिका के प्रमुख अखबार 'द वाशिंगटन पोस्ट' के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप Fox News को अपनी हार का कारण बता रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि आखिर क्यों ?
द वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने Fox News को घेर लिया। उन्होंने ट्रुथ सोशल (Truth Social) और मीडिया इंटरव्यू में फॉक्स न्यूज को भी हार का जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि फॉक्स न्यूज नेटवर्क लगातार डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और विपक्ष को अपने चैनल पर ज्यादा जगह दे रहा है, जिससे कंजर्वेटिव उम्मीदवारों को नुकसान हुआ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' से चुनावी नतीजोंं को लेकर कहा कि मैं नतीजों को पूरी तरह से स्वीकार करने के लिए तैयार हूं और साथ ही डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने का वादा करता हूं। लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी के खराब प्रदर्शन से खुद को दूर रखने की कोशिश की और कहा कि मैं इसे अपने ऊपर लगे एक आघात के रूप में नहीं देखता।
इतना ही नहीं, उन्होंने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' से बातचीत के दौरान ये भी स्वीकार किया है कि हार के पीछे ईरान के साथ संघर्ष भी एक कारण बना है लेकिन उन्होंने सैन्य अभियान का बचाव किया। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि विरोधी पक्ष इमिग्रेशन के मुद्दे पर कोई आम सहमति बना सकते हैं।
Reuters ने इस खबर को कुछ इस तरह छापा कि कांग्रेस पर कब्जा अब डेमोक्रेट्स का हो चुका है। डोनाल्ड ट्रंप को हारा हुआ बताते हुए सत्ता का मजबूत लीडर डेमोक्रेट्स पार्टी को बताया।
उन्होंने कहा कि US मिडटर्म चुनाव 2026 में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस पर कब्जा किया। Reuters के मुताबिक, वोटिंग के माध्यम से लोगों का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है और इन चुनावों में करोड़ों मतदाताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को कड़ी फटकार लगाई।
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान न्यूज नेटवर्क (IRINN) सहित शासन से जुड़े अन्य प्रसारकों ने इसे ट्रंप की नीतियों की बड़ी नाकामी बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप की हार के बाद उन्होंने कहा कि हमारा बदला पूरा हुआ। ट्रंप ने जैसा हमारे साथ किया, अब वैसा ही उनके साथ होगा। अमेरिकी जनता भी अब अपनी ताकत का इस्तेमाल कर रही है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप युद्ध और राजनीति दोनों से हार रहे हैं।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मो. बागेर गालिबाफ और ईरान के सरकारी चैनलों ने कहा कि अमेरिकी जनता ने बढ़ती महंगाई और ईरान के खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप के विरोध में अपना फैसला सुनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रंप को हराकर अमेरिकी नागरिकों ने 'नो टू वॉर' कहा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद चीन की प्रतिक्रिया और मीडिया के रुख भी सामने आ गए हैं। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि ये चुनाव अमेरिका का आंतरिक मामला है।
चीन ने स्पष्ट कहा कि वो वाशिंगटन के साथ संवाद बढ़ाने, मतभेदों को प्रबंधित करने और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर रखने के लिए काम करने के लिए आज भी तैयार हैं।
वहीं चाइना के कुछ विशेषज्ञों का ये भी मानना है कि अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण बढ़ने से ट्रंप के विधायी एजेंडे पर कुछ रोक लग सकती है। ऐसे में कहा जा सकता है कि चीन की सरकारी और मुख्यधारा की मीडिया ने इस स्थिति को लेकर कोई आक्रामक या जश्न जैसा रुख नहीं अपनाया लेकिन अमेरिका के साथ एक स्थिर और रचनात्मक संबंध बनाए रखने पर जोर जरूर दिया है।
रूस के सरकारी हलकों और मीडिया ने कहा कि चुनाव से ये स्थिति तो जरूर साप हो गई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कांग्रेस में कमजोर हुए हैं। रूस इस स्थिति को अपने पक्ष में लेता हुआ दिखाई दिया। रूसी मीडिया के मुताबिक, रूस इसका फायदा उठा सकता है और अपनी शर्तों पर बातचीत या समझौते की संभावनाएं तलाश सकता है।