

Ukraine Attacks Update Latest Report: यूक्रेन में रूसी सेना ने एक बार फिर विनाशकारी हवाई हमले किए हैं। राजधानी कीव समेत आठ अलग-अलग क्षेत्रों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल दागे गए। इन हमलों में 14 साल के एक नाबालिग बच्चे समेत दो लोगों की दुखद मौत हो गई है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें पूरी तरह से बर्बर करार दिया।
यूक्रेन की राजधानी कीव में शुक्रवार सुबह रूस ने एक रिहायशी अपार्टमेंट इमारत को निशाना बनाया। रूसी ड्रोन के हमले के बाद अपार्टमेंट इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 14 वर्षीय मासूम लड़के की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में सात अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है।
घटनास्थल पर पहुंचे राहत दल ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने X पर इस हमले की जानकारी साझा की। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दुख जताया। जेलेंस्की ने कहा कि इस हमले के पीछे कोई सैन्य वजह नजर नहीं आती।
कीव के अलावा रूस ने यूक्रेन के सात अन्य क्षेत्रों पर भी ताबड़तोड़ हमले किए। ओडेसा के एक डाक केंद्र सुविधा पर दोहरे हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं जापोरिज्जिया में एक मेडिकल क्लिनिक को निशाना बनाया गया जब अंदर लोग मौजूद थे। सुमी और मायकोलाइव इलाकों में भी कई नागरिक हमलों में घायल हुए हैं।
दिन की शुरुआत से ही देश के कई इलाकों में हवाई हमलों का खतरा लगातार बना रहा। ओडेसा में डाक केंद्र पर एक के बाद एक किए गए हमलों से काफी नुकसान हुआ। अस्पताल और डाक केंद्रों जैसी नागरिक सुविधाओं पर हमले चिंताजनक हैं। हमलों के तुरंत बाद प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेजी से शुरू किए गए।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि सहयोगी देशों के सामने रूस का मुद्दा उठाया गया है। अगर रूस पर कूटनीतिक दबाव नहीं बनाया गया तो सर्दियों में हमले और बढ़ेंगे। उन्होंने अमेरिका और यूरोप से रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की। रूस को यह समझना होगा कि वह समय बीतने का इंतजार करके नहीं बच सकता।
जेलेंस्की ने कहा कि पश्चिमी देशों के पास ताकत के जरिए शांति कायम करने की क्षमता है। वैश्विक समुदाय को रूस की आक्रामक कार्रवाइयों का एकजुट होकर मुकाबला करना होगा। जब तक रूस पर कड़े आर्थिक और कूटनीतिक प्रतिबंध नहीं लगेंगे, युद्ध नहीं रुकेगा। यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल सैन्य सहायता की गुहार लगाई है।