

Iran UAE Trade Relations: ईरान की ओर से दागी गईं दो मिसाइलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। संयुक्त अरब अमीरात ने तेहरान के साथ अपने सभी व्यापारिक और वित्तीय संबंधों को अगले आदेश तक पूरी तरह से सस्पेंड कर दिया है। इस फैसले से दोनों देशों के बीच सुधर रहे संबंधों को बड़ा झटका लगा है।
UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गईं दो मिसाइलों का पता लगाया था। ये मिसाइलें UAE की तरफ आ रही थीं, जिसके बाद पूरे देश में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया था। हालांकि इस घटना में किसी तरह के नुकसान की कोई कड़वी खबर नहीं है।
UAE के अनुसार एक मिसाइल क्षेत्रीय जल से बाहर समुद्र में गिरी, जबकि दूसरी उनके जल क्षेत्र में गिरी थी। दूसरी तरफ ईरान ने इस मिसाइल हमले के आरोपों से पूरी तरह इनकार किया है। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए क्षेत्र के देशों को आगाह किया।
इस घटना के बाद UAE के विदेश मंत्रालय ने ईरान के खिलाफ बड़ा आर्थिक और कड़ा कदम उठाते हुए सभी संबंधों को सस्पेंड किया। मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हमेली ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है। इसी वजह से ईरान के साथ सभी व्यापार और कारोबारी लेनदेन पर रोक लगाई गई है।
UAE का यह फैसला दोनों देशों के बीच सुधर रहे व्यापारिक रिश्तों के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के समय में दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां शुरू हुई थीं और उड़ानें भी बहाल हो रही थीं। इसके साथ ही लगभग 20 हजार ईरानी नागरिकों को वापस आने की अनुमति भी मिली थी।
इस कड़े फैसले का सीधा असर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलमार्ग पर भी पड़ सकता है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और एलएनजी रास्तों में से एक माना जाता है। लेकिन हाल के संघर्ष और कड़े तनाव के कारण यहां जहाजों की आवाजाही पहले ही बहुत कम हो गई है।
UAE ने पूर्व में ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी एडनॉक से जुड़े जहाजों पर हमले करने का आरोप लगाया था। इन लगातार हो रही घटनाओं के कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक कड़वाहट और अविश्वास का कड़ा माहौल बना हुआ है। कतर और अन्य मध्यस्थ देश फिलहाल इस कड़े तनाव को कम करने में जुटे हैं।