तुर्की और पाकिस्तान ने मिलाया हाथ...ISI ने नया 'स्ट्रेटेजिक हब', क्या गुल खिलाएगी ये साझेदारी?

Turkey BecomeISIS Istrategic Hub: तुर्की और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां अब सीधे सहयोग कर रही हैं, जिससे आतंकवाद और सीमा पार अपराधियों पर कार्रवाई में तेजी आई है, खासकर अफगानिस्तान में।
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तुर्की और पाकिस्तान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan ISI Operation Turkey: तुर्की और पाकिस्तान के संबंधों में हाल के सालों में काफी सुधार देखा गया है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप एर्दोगन अक्सर वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान का समर्थन करते हैं और इसी तरह पाकिस्तान भी तुर्की को अपना मित्र देश मानता है। इस दोस्ताना माहौल का फायदा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) उठा रही है। ISI अब तुर्की की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन (MIT) के साथ खुले तौर पर काम कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबित, दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां अब गुप्त संपर्क की बजाय सीधे तालमेल बिठा रही हैं। हाल के महीनों में कई मामले सामने आए हैं, जिनमें आतंकवाद से जुड़ी जानकारी जुटाने और सीमा पार अपराधियों को पकड़ने तक का सहयोग शामिल है।

मिलकर आतंकवादी ओजगुर अल्टुन के खिलाफ कार्रवाई

इस साल ISI और MIT ने मिलकर इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी ओजगुर अल्टुन उर्फ अबू यासिर अल-तुर्की के खिलाफ कार्रवाई की। MIT ने डिजिटल निगरानी और अपने नेटवर्क के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। पता चला कि वह अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में घुसने की कोशिश कर रहा था। MIT ने ISI को सूचना दी, जिसके बाद ISI ने उसे पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास गिरफ्तार किया और तुर्की को सौंप दिया। इस तरह का तालमेल पहले भी हुआ है। ISI की मदद से तुर्की में कई संदिग्ध गिरफ्तार हुए, जिन पर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और यूरोप के बीच हथियारबंद समूहों की सहायता करने का आरोप था। हालांकि दोनों देशों के आधिकारिक बयान में ISI का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया जाता, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ इसे तुर्की-पाकिस्तान सहयोग का हिस्सा मानते हैं।

ISI को रणनीतिक भौगोलिक ठिकाना देता है तुर्की

विश्लेषकों के अनुसार, यह सहयोग एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम है। तुर्की ISI को रणनीतिक भौगोलिक ठिकाना देता है, जिससे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी पश्चिम एशिया में अपने ऑपरेशन बढ़ा सकती है। तुर्की यूरोप, लेवांत और मध्य एशिया के चौराहे पर स्थित है और सीरिया, इराक और अफगानिस्तान जैसी जगहों से जुड़े नेटवर्क पर नजर रखने में मदद करता है।

ISI के लिए MIT के साथ तालमेल का मतलब है कि वह इन क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकती है और ऑपरेशन कर सकती है। यह सहयोग रक्षा और सुरक्षा क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी के अनुरूप भी है। उच्च-स्तरीय रणनीतिक परामर्श, रक्षा उत्पादन में सहयोग और संयुक्त सैन्य अभ्यास ने खुफिया जानकारी साझा करने का माहौल तैयार किया है।

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