

Turkey Indigenous Aircraft Carrier Israel Tension Impact: पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव की आग अब तुर्की तक पहुंच गई है। इजरायल द्वारा तुर्की को 'अगला ईरान' करार दिए जाने के बाद राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने अपनी रक्षा रणनीतियों में बड़ा बदलाव किया है।
तुर्की अब अपने पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर मुगेम (MUGEM) के निर्माण को पूरा करने में बहुत तेजी से जुट गया है जिसे अगले साल के अंत तक नौसेना में शामिल किए जाने की उम्मीद है।
तुर्की और इजरायल के बीच कूटनीतिक दरार तब और गहरी हो गई जब इजरायल के प्रमुख विपक्षी नेता और संभावित अगले प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने खुले तौर पर तुर्की की तुलना ईरान से कर दी। इजरायली नेताओं का मानना है कि तुर्की की नीतियां और क्षेत्रीय विस्तार ईरान की राह पर चल रहे हैं। इस बयानबाजी और पूर्वी भूमध्य सागर में ग्रीस, साइप्रस और इजरायल के बीच बढ़ती सैन्य भागीदारी ने तुर्की को रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
तुर्की की नौसेना के कमांडर एडमिरल एर्कुमेंट तत्लीओग्लू के अनुसार, एयरक्राफ्ट कैरियर मुगेम का काम तय समय से एक साल पहले ही पूरा किया जा रहा है। यह युद्धपोत न केवल तुर्की का अब तक का सबसे बड़ा जहाज होगा बल्कि यह भूमध्य सागर के वर्तमान सबसे शक्तिशाली युद्धपोत चार्ल्स डी गौले को भी पीछे छोड़ देगा।
वजन: लगभग 60,000 टन। लंबाई: 285 मीटर। क्षमता: इसमें एक साथ 60 विमान तैनात किए जा सकेंगे। तकनीक: इसे 'शॉर्ट टेक-ऑफ' सिस्टम के साथ डिजाइन किया गया है।
तुर्की के लिए यह प्रोजेक्ट केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं बल्कि एक रणनीतिक जरूरत है। साल 2019 में अमेरिका द्वारा F-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम से बाहर किए जाने के बाद तुर्की ने अपने विकल्पों पर तेजी से काम किया है। मुगेम पर तैनात करने के लिए तुर्की अब अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के कान (KAAN) फाइटर जेट, किजीलेल्मा (Kizilelma) जैसे स्टेल्थ ड्रोन और बायरक्तर TB3 जैसे AI-सहायता प्राप्त ड्रोनों का उपयोग करने की योजना बना रहा है।