सीरिया को दोस्त बताने वाले तुर्की ने किया हवाई हमला, अलेप्पो शहर पर बरसाए बम

Turkey air strikes on Syria: तुर्की ने अलेप्पो में SDF ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए, जिससे सीरिया में फिर से तनाव बढ़ गया है। यह हमला इजराइल-सीरिया संघर्षविराम के एक दिन बाद हुआ है।
सीरिया को दोस्त बताने वाले तुर्की ने किया हवाई हमला, अलेप्पो शहर पर बरसाए बम
तुर्की ने SDF के ठिकानों पर की बमबारी (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Turkey air strikes on Syria: तुर्की ने सीरिया के अलेप्पो में भीषण बम बारी की है। तुर्की ने यह बमबारी इजराइल और सीरिया के बीच हुए संघर्ष विराम के अगले दिन यानी आज किया है। तुर्की ने इन हमलों में सीरिया डेमोक्रेटिक फोर्सेस के ठिकानों को निशाना बनाया।

हाल ही में ड्रूज समुदाय को लेकर इजराइल द्वारा सीरिया पर किए जा रहे हमले फिलहाल रोक दिए गए हैं। दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू है, जिससे ऐसा लगने लगा था कि सीरिया में हालात कुछ हद तक सामान्य हो रहे हैं। लेकिन सोमवार को तुर्की की कार्रवाई ने एक बार फिर सीरिया को संकट की ओर धकेल दिया है।

SDF तुर्की की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, सोमवार को तुर्की के लड़ाकू विमानों ने उत्तरी अलेप्पो में जबरदस्त हवाई हमले किए। इन हमलों का निशाना SDF (सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस) के ठिकाने थे। फिलहाल इस हमले में कितने लोग हताहत हुए हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। सीरिया में हाल ही में हुई तुर्की की बमबारी में सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF) को निशाना बनाया गया। माना जा रहा है कि इसके पीछे यूनिट्स ऑफ प्रोटेक्शन (YPG) की भूमिका है, जो कुर्द लड़ाकों का एक प्रमुख धड़ा है और SDF की नेतृत्वकारी ताकत भी। तुर्की, अमेरिका और यूरोपीय संघ YPG को आतंकी संगठन मानते हैं, क्योंकि यह तुर्की में प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) का सहयोगी है। इसी कारण तुर्की YPG और SDF दोनों को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानता है।

लगातार हमले करता रहता है तुर्की

तुर्की की रणनीति है कि वह सीरिया की सीमा के भीतर लगभग 30 किलोमीटर तक का इलाका SDF से खाली करवा ले और वहां एक सेफ जोन बनाकर सीरियाई शरणार्थियों को बसाया जाए। इसके अतिरिक्त, तुर्की SDF पर हमले कर अमेरिका पर भी दबाव बनाना चाहता है, क्योंकि अमेरिका ने अतीत में ISIS के खिलाफ लड़ाई में SDF को सैन्य मदद और हथियार उपलब्ध कराए थे।

तुर्की इस इलाके में SDF और YPG पर आए दिन ड्रोन या रॉकेट से हमला करता है। ये हमले तुर्की हमेशा अपनी आत्मरक्षा के नाम पर सही ठहराता है। लेकिन इस बार की कार्रवाई विशेष मानी जा रही है, क्योंकि यह हमला सीरिया से बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद हुआ है। फिलहाल सीरिया में अहमद अल शरा की सरकार है, जो HTS (हयात तहरीर अल-शाम) के प्रमुख रह चुके हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com