क्या है ट्रंप का 'सस्ता इलाज' कार्ड? नई वेबसाइट TrumpRx से सीधे मिलेंगी दवाएं; फार्मेसी इंडस्ट्री में हड़कंप

TrumpRx Website: ट्रंप प्रशासन 'TrumpRx' वेबसाइट लॉन्च कर रहा है। इससे मरीज सीधे कंपनियों से सस्ती दवाएं खरीद सकेंगे। बिचौलिये हटने से दाम गिरेंगे, जिससे पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स की चिंता बढ़ गई है।
What is Trump's 'affordable healthcare' card? The new website TrumpRx will provide medicines directly; causing a stir in the pharmacy industry.
ट्रम्प हेल्थकेयर प्लान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

US Pharmacy Industry News: अमेरिका में दवाओं की आसमान छूती कीमतों को कम करने के लिए ट्रंप प्रशासन एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। प्रशासन इसी महीने के अंत तक 'TrumpRx' नामक एक नई सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य मरीजों को सीधे दवा निर्माताओं से जोड़ना है, ताकि वे कम दाम पर जीवनरक्षक दवाएं खरीद सकें।

सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से दवाओं की सप्लाई चेन में मौजूद बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म हो जाएगा, जिससे दवाओं की कीमतों में भारी गिरावट आएगी।

मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा

ट्रंप प्रशासन के अनुसार, अमेरिका दुनिया में दवाओं का सबसे बड़ा खरीदार है इसलिए यहां के नागरिकों को दवाओं की सबसे अच्छी और किफायती कीमत मिलनी चाहिए। इस योजना की नींव वास्तव में 2025 में एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से रखी गई थी। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग दवाओं के खर्च को लेकर तनाव में हैं। टेनेसी राज्य में 2025 के एक सर्वे में यह पाया गया कि लगभग 51 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य संबंधी खर्चों, विशेष रूप से महंगी दवाओं को लेकर अत्यधिक चिंतित हैं। ऐसे में TrumpRx उन लाखों अमेरिकियों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है जो इलाज के खर्च के बोझ तले दबे हैं।

दिग्गज कंपनियों के साथ गठबंधन

इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने अब तक एक दर्जन से अधिक प्रमुख दवा निर्माताओं के साथ समझौते किए हैं। इसमें वैश्विक दिग्गज कंपनी Pfizer (फाइजर) का नाम भी शामिल है। हालांकि, इस पहल को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। डेमोक्रेट सांसदों जिनमें एलिजाबेथ वॉरेन और डिक डर्बिन शामिल हैं उन्होंने इस प्लेटफॉर्म के सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर चिंता जताई है कि डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर प्लेटफॉर्म पर गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने या हितों के टकराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं जो मरीजों की सेहत के लिए घातक साबित हो सकती हैं।

फार्मेसी इंडस्ट्री और मेडिकल स्टोर्स में खलबली

TrumpRx के आने की खबर से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसी चेन के बीच डर का माहौल है। दवा उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग सीधे कंपनियों से दवाएं खरीदने लगेंगे तो स्थानीय फार्मेसी स्टोर्स का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

इस नई व्यवस्था से होने वाले आर्थिक नुकसान की आशंका ने पूरे दवा उद्योग में चर्चा और बेचैनी दोनों तेज कर दी है। फिलहाल सभी की नजरें इस महीने के अंत में होने वाले आधिकारिक लॉन्च पर टिकी हैं जब दवाओं की पूरी सूची सार्वजनिक की जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com