ट्रंप की धमकी का 'बैलिस्टिक' जवाब, ईरान ने तेल अवीव और यरूशलम पर दागीं मिसाइलें; मची भारी तबाही

Israel Iran War: ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी के बाद ईरान ने इजरायल के परमाणु केंद्र डिमोना को निशाना बनाया। ईरान ने धमकी दी है कि अमेरिकी हमले की सूरत में वह पूरा ऊर्जा ढांचा तबाह कर देगा।
A 'Ballistic' Response to Trump's Threat: Iran Fires Missiles at Tel Aviv and Jerusalem; Widespread Devastation Ensues
ईरान का इजरायल के परमाणु केंद्र डिमोना पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Missile Strike Israel Dimona Nuclear Center: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। ईरान ने इजरायल के सबसे संवेदनशील ठिकानों में से एक, डिमोना परमाणु केंद्र और अराद शहर पर भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। रविवार सुबह हुए इन हमलों ने न केवल इजरायल की राजधानी तेल अवीव और पवित्र शहर यरूशलम को दहला दिया बल्कि पूरे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध की आहट तेज कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरानी स्टेट मीडिया ने पुष्टि की है कि रविवार सुबह एक के बाद एक चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।

परमाणु केंद्र को बनाया निशाना

इन हमलों का मुख्य केंद्र डिमोना और अराद रहे, जहां ईरानी मिसाइलें कहर बनकर टूटीं। 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में अब तक 300 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। इजरायली विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसार, घायलों में मासूम बच्चे भी शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा प्रदाता 'मागेन डेविड एडोम' ने बताया कि हमले के दौरान क्लस्टर बमों के इस्तेमाल से नागरिक आबादी को भारी नुकसान पहुंचा है।

अस्पतालों में घायलों की भीड़

हमले के बाद इजरायल के आर्मी रेडियो ने जानकारी दी कि डिमोना और अराद में घायल हुए 150 से अधिक लोगों को सोरोका अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अकेले अराद शहर में 84 लोग अस्पताल पहुंचाए गए हैं जिनमें से 10 की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। मलबे और ध्वस्त घरों की तस्वीरें इस हमले की भयावहता को बयां कर रही हैं।

नतांज हमले का 'करारा जवाब'

ईरान के सरकारी टीवी ने इस मिसाइल हमले को जायज ठहराते हुए इसे नतांज परमाणु परिसर पर हुए इजरायली हमले का 'करारा जवाब' बताया है। इससे पहले, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने शिकायत की थी कि उनके नतांज संवर्धन परिसर को निशाना बनाया गया था। इसके अतिरिक्त, हमास के सैन्य विंग के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने भी इन हमलों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल अमेरिकी आक्रमण का जवाब नहीं है बल्कि गाजा में फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ इजरायली कार्रवाई का भी नतीजा है।

ट्रंप की धमकी और बढ़ता तनाव

ईरान की ओर से इन हमलों में तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस हालिया धमकी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट को नष्ट कर देगा। इसके जवाब में ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल से जुड़े सभी ऊर्जा बुनियादी ढांचों को तबाह कर देगा।

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