दिल्ली से 15 गुना ज्यादा मर्डर...अमेरिका के इस शहर में सेना उतारेगी ट्रम्प सरकार?

Chicago Crime: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने प्रेस वार्ता में कहा कि शिकागो में हिंसा की स्थिति बेहद गंभीर है। अब ट्रंप प्रशासन यहां पर नेशनल गार्ड तैनात करने की सोच रहा है।
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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट (फोटो- सोशल मीडिया)
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Chicago Crime Rate: अमेरिका के शिकागो शहर में बढ़ते अपराध को लेकर ट्रम्प प्रशासन ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। व्हाइट हाउस ने धमकी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो शिकागो में नेशनल गार्ड की तैनाती की जा सकती है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने चौंकाने वाला आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि शिकागो में हत्या की दर भारत की राजधानी नई दिल्ली से 15 गुना ज्यादा है। इस बयान के बाद शिकागो के मेयर और ट्रम्प प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक प्रेस वार्ता के दौरान शिकागो में बढ़ते अपराधों की अन्य शहरों से तुलना करते हुए कहा कि शहर में हत्या की रेट इस्लामाबाद से दोगुनी व दिल्ली से लगभग 15 गुना ज्यादा है। उन्होंने इस पर गर्वनर की आलोचना करते हुए ट्रंप प्रशासन की आगे की रणनीति साझा की।

व्हाइट हाउस ने यह भी आरोप लगाया कि डेमोक्रेट शासित राज्यों की नीतियां अपराध को बढ़ावा दे रही हैं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपराध पर लगाम कसने के लिए सख्त कदम उठाना चाहते हैं। लेविट ने शिकागो के आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि 2025 में अब तक लगभग 1.5 लाख मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन सिर्फ 16% मामलों में ही गिरफ्तारी हो सकी है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस की तुलना में शिकागो में अधिक अवैध हथियार जब्त किए गए हैं, जो शहर की गंभीर होती स्थिति को दर्शाता है।

ट्रम्प का एक्शन मोड, दो शहरों में पहले से तैनात है सेना

ट्रम्प प्रशासन इससे पहले ही दो बड़े शहरों में नेशनल गार्ड को तैनात कर चुका है। इसी साल 11 अगस्त को वाशिंगटन डीसी में 800 सैनिकों की तैनाती की गई थी। इससे पहले जून में, लॉस एंजिलिस में करीब 4,000 नेशनल गार्ड सैनिक और 700 मैरीन्स को भेजा गया था। ट्रम्प ने इन शहरों में बढ़ती हिंसा और अपराधियों के बढ़ते प्रभाव को तैनाती का कारण बताया था। अब शिकागो अगला शहर हो सकता है, जहां संघीय हस्तक्षेप देखने को मिलेगा। व्हाइट हाउस का कहना है कि इलिनॉय के गवर्नर जेबी प्रित्जकर अपराध से निपटने में नाकाम रहे हैं।

52 साल पुराने कानून का इस्तेमाल

राष्ट्रपति ट्रम्प इन कार्रवाइयों के लिए 52 साल पुराने 'डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया होम रूल एक्ट' का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह कानून आपातकालीन स्थिति में राष्ट्रपति को शहर की पुलिस पर नियंत्रण से जुड़ी विशेष शक्तियां देता है। हालांकि, शिकागो के मेयर ब्रैंडन जॉनसन ने इसका कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अपने राजनीतिक फायदे के लिए ऐसे कदम उठा रहे हैं। मेयर के इस बयान से साफ है कि अगर ट्रम्प सरकार शिकागो में सेना भेजती है तो केंद्र और स्थानीय प्रशासन के बीच टकराव बढ़ना तय है।

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