अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Operation Midnight Hammer Claims: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी ‘शक्ति के बल पर शांति’ नीति के तहत कई चौंकाने वाले बड़े दावे किए हैं। उन्होंने घोषणा की है कि अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ चलाकर ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह से मिट्टी में मिला दिया है। ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दावे के साथ ही उन्होंने दुनिया भर में चल रहे आठ अलग-अलग युद्धों को समाप्त करने का भी श्रेय लिया है। ट्रंप के इन बयानों ने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है क्योंकि उन्होंने आतंकवाद और नशीले पदार्थों के खिलाफ भी युद्ध स्तर पर कार्रवाई की है।
ट्रंप ने कांग्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना हमेशा से ही अमेरिका की प्राथमिकता रही है। उन्होंने दावा किया कि हालिया सैन्य अभियान ने ईरान की धरती पर सीधा हमला करके उनके खतरनाक परमाणु हथियारों के बुनियादी ढांचे को नष्ट किया है। राष्ट्रपति ने साफ कर दिया कि वह दुनिया के सबसे बड़े आतंकवाद प्रायोजक को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देंगे।
ट्रंप ने अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों की उपलब्धियों को गिनाते हुए दावा किया कि उन्होंने कूटनीति और शक्ति से 8 युद्ध खत्म किए हैं। इन युद्धों में भारत-पाकिस्तान, इजरायल-ईरान, कंबोडिया-थाईलैंड और कोसोवो-सर्बिया जैसे दशकों पुराने और जटिल संघर्ष शामिल होने का दावा किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब उनका प्रशासन रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भयानक ‘नरसंहार’ को समाप्त करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।
अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को और अधिक मजबूत करने के लिए ट्रंप ने अमेरिकी सेना में रिकॉर्ड एक ट्रिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि नाटो देशों ने अब अपनी जीडीपी का 5 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करने के लिए सहमति दे दी है जो कि पहले केवल 2 प्रतिशत था। ट्रंप का मानना है कि इतनी बड़ी सैन्य शक्ति और निवेश के बिना दुनिया में स्थायी शांति और सुरक्षा बनाए रखना लगभग असंभव काम है।
वेनेजुएला का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने तानाशाह निकोलस मादुरो के शासन का अंत कर उसे न्याय के कटघरे में खड़ा किया है। अब वाशिंगटन वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मिलकर दोनों देशों के आर्थिक लाभ के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रहा है। इस बड़े राजनीतिक उलटफेर को ट्रंप ने अपनी विदेश नीति की एक बड़ी जीत बताया है जिससे उस क्षेत्र में लोकतांत्रिक स्थिरता आने की उम्मीद है।
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नशीले पदार्थों के खिलाफ ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए ड्रग कार्टेल को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अवैध फेंटानिल को अब अमेरिका में ‘सामूहिक विनाश का हथियार’ माना जाएगा और इसके खिलाफ सेना का एक विशेष अभियान लगातार जारी है। इस सैन्य अभियान की सफलता के कारण समुद्र और पानी के रास्ते होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी अब लगभग पूरी तरह से रुक गई है।