होर्मुज से सुरक्षित निकले भारतीय झंडे वाले 3 जहाज; 90 से अधिक नाविक जल्द पहुंचेंगे स्वदेश

Indian Oil Tankers: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान द्वारा होर्मुज बंद किए जाने के बीच, 8.6 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर तीन भारतीय टैंकर सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। जानें कब तक पहुंचेंगे भारत।
Three Indian-flagged ships safely pass through Hormuz; over 90 sailors to return home soon.
तेल टैंकर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Indian Oil Tankers Passage Hormuz: ईरान द्वारा Strait of Hormuz को फिर से बंद करने की घोषणा के बावजूद, भारतीय झंडे वाले तीन कच्चे तेल के टैंकर इस रास्ते को सुरक्षित पार कर चुके हैं। केंद्रीय जहाजरानी, बंदरगाह और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस सफल ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि ये जहाज अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं।

जहाजरानी मंत्री ने साझा की बड़ी जानकारी

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि 'देश वैभव', 'देश विभोर' और 'सनमार हेराल्ड' नामक तीन भारतीय टैंकरों ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलमार्ग को पार कर लिया है। उन्होंने बताया कि इन जहाजों पर कुल 94 भारतीय नाविक सवार हैं और ये 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल लेकर आ रहे हैं। सोनोवाल ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार भारत के समुद्री हितों और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

कब तक पहुंचेगा भारत?

मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इन जहाजों के भारत पहुंचने का कार्यक्रम इस प्रकार है: देश वैभव: यह जहाज 37 भारतीय नाविकों के साथ 2,86,572 मीट्रिक टन कच्चा तेल ढो रहा है। इसके 24 जून तक गुजरात के वडीनगर बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। देश विभोर: इस टैंकर में 27 भारतीय नाविक सवार हैं और यह 2,88,893 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा है। यह भी 24 जून को ही सिक्का बंदरगाह पर लंगर डालेगा। सनमार हेराल्ड: 30 भारतीय नाविकों के दल वाला यह जहाज 2,85,400 मीट्रिक टन तेल लेकर पूर्वी तट स्थित पारदीप पोर्ट की ओर बढ़ रहा है, जहां इसके 1 जुलाई तक पहुंचने की संभावना है।

क्यों तनावपूर्ण हुए हालात?

होर्मुज जलमार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। हाल ही में इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान में किए गए हमलों के विरोध में ईरान ने इस मार्ग को फिर से बंद करने का ऐलान किया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादे तोड़े हैं और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते के बाद यह मार्ग खुला था, लेकिन मौजूदा संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा Supply Chain के लिए फिर से खतरा पैदा कर दिया है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में होर्मुज जलमार्ग का बंद होना चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, इन तीन जहाजों का सुरक्षित निकलना भारत की सक्रिय कूटनीति और मजबूत समुद्री सुरक्षा रणनीति को दर्शाता है। मंत्रालय लगातार सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ संपर्क में है ताकि भारतीय नाविकों और देश की 'एनर्जी लाइफलाइन' को किसी भी प्रकार के खतरे से सुरक्षित रखा जा सके।

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