

Thailand Curfew Security Updates: थाईलैंड के दक्षिणी प्रांतों में शनिवार रात सिलसिलेवार बम धमाकों और आगजनी के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। इस भड़की हिंसा के तुरंत बाद पूरे संवेदनशील इलाके को सेना और पुलिस बलों ने घेर लिया है। प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिए हैं।
इस हिंसक घटनाक्रम के बाद अधिकारियों ने प्रभावित नारथिवत प्रांत में रविवार सुबह 6 बजे तक के लिए सुरक्षा कर्फ्यू लगा दिया है। कर्फ्यू के दौरान सभी स्थानीय लोगों को सुरक्षा कारणों से अपने घरों के अंदर ही रहने का निर्देश दिया गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने से पहले स्थानीय अधिकारियों से लिखित अनुमति लेनी होगी।
इस सुनियोजित हमले की शुरुआत शनिवार रात करीब 8 बजे हुई, जब लगभग 30 हथियारबंद हमलावरों ने बोंगोर प्रशासनिक कार्यालय की सरकारी इमारत पर धावा बोल दिया। इन हमलावरों ने वहां तैनात सुरक्षा गार्डों को बंधक बनाकर रस्सी से बांध दिया और पूरी इमारत को आग लगा दी। इसके बाद वे वहां से एक पिक-अप गाड़ी लूटकर भाग गए, जो बाद में जली मिली।
नाराथिवत प्रांत के विभिन्न जिलों में कम से कम 11 जगहों पर भीषण हमले और धमाके दर्ज किए गए, जिनमें एक कार विस्फोट से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सुरक्षा बलों ने प्रभावित प्रांतों में तुरंत मोर्चा संभाल लिया है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े हमले को समय रहते टाला जा सके।
इसके साथ ही याला प्रांत में भी उपद्रवियों ने व्यापक स्तर पर हिंसा फैलाई। उन्होंने कई सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया, एक दूरसंचार टावर को निशाना बनाया और मुख्य सड़कों पर कीलें बिखेर दीं ताकि सुरक्षा बलों की गाड़ियां रुक जाएं। इन घटनाओं के कारण पूरे इलाके के लोग डरे हुए हैं और वहां दहशत का माहौल बना हुआ है।
पड़ोसी पट्टानी प्रांत में सशस्त्र हमलावरों ने गोलियां बरसाईं, बैंग पु चौराहे के पास संदिग्ध वस्तु छोड़ी और प्रसिद्ध 7-इलेवन स्टोर में लूटपाट की। इसके बाद उन्होंने राजमार्ग 42 पर टायरों को जलाकर पूरे मार्ग को बाधित कर दिया, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई। प्रशासन लगातार स्थिति को काबू में करने का प्रयास कर रहा है ताकि शांति बनी रहे।
वर्तमान में सुरक्षाकर्मी प्रभावित क्षेत्रों का सघन निरीक्षण कर रहे हैं, फोरेंसिक सबूत जुटा रहे हैं और संपत्ति के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि सेना की त्वरित कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य हो रही है। हालांकि सुरक्षा अधिकारियों ने अभी तक इन सिलसिलेवार हमलों में किसी भी नागरिक की मौत की पुष्टि नहीं की है।