जाने मत दो सीधे जेल भेजो... यूनुस के इस्तीफे वाली खबर पर तसलीमा नसरीन का फुटा गुस्सा

मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन मोहम्मद यूनुस के इस्तीफे की खबरों पर भड़क उठीं। उन्होंने यूनुस पर हिंदुओं के नरसंहार, जिहादी आतंकवाद को बढ़ावा देने, और नफरत-फैलाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए।
जाने मत दो सीधे जेल भेजो... यूनुस के इस्तीफे वाली खबर पर तसलीमा नसरीन का फुटा गुस्सा
यूनुस के इस्तीफे वाली खबर पर तसलीमा नसरीन का फुटा गुस्सा, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

ढाका: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के इस्तीफे की खबरों पर जानी-मानी लेखिका तसलीमा नसरीन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने यूनुस पर हिंदू नरसंहार को प्रोत्साहित करने, जिहादी आतंकवादियों को बढ़ावा देने, और समाज में नफरत और हिंसा फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। तसलीमा ने कहा कि यदि यूनुस इस्तीफा देकर अमेरिका या यूरोप में जाकर आराम की ज़िंदगी बिताना चाहते हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूनुस को उनके अपराधों के लिए गिरफ्तार कर जेल में डालना चाहिए।

बांग्लादेश की लेखिका तसलीमा नसरीन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने सुना है कि मोहम्मद यूनुस इस्तीफा देकर यूरोप या अमेरिका में आराम से जीवन बिताने की योजना बना रहे हैं. तसलीमा ने सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्हें ऐसा क्यों करने दिया जा रहा है? उन्होंने कहा कि यूनुस को जेल में डाला जाना चाहिए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यूनुस के खिलाफ दायर पांच मामले उनके देश में लौटते ही खारिज कर दिए गए।

यूनुस पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने मुख्य सलाहकार के रूप में जिहादी उग्रवादियों और भीड़ को हिंसा के लिए भड़काया। उन्होंने विपक्ष को खत्म करने के लिए नफरत और कट्टरता को हवा दी। तौहीदी भीड़ को खून-खराबे के लिए उकसाया, जिसके चलते कई लोगों को नुकसान पहुंचा और कई जानें भी चली गईं। उनके अपराधों के लिए उन्हें पश्चाताप करना चाहिए।

देश को अव्यवस्था और हिंसा की तरफ मोड़ा

तसलीमा ने कहा कि पिछले नौ महीनों में उन्होंने ऐसी एक पीढ़ी को जन्म दिया है जो उन्माद से ग्रस्त, अस्थिर, असंगत और असहिष्णु है। उन्होंने देश को अव्यवस्था और हिंसा की ओर मोड़ दिया है, अपने समर्थकों को खुली छूट देकर जिहादी गतिविधियों, तबाही और आगजनी को बढ़ावा दिया है। उन्होंने अनेक निर्दोष लोगों को झूठे हत्या के आरोपों में फंसाकर जेल भिजवाया है। देश के गलियारे और बंदरगाह विदेशी सेनाओं के हवाले कर दिए गए हैं, और पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते पूरी तरह बिगाड़ दिए गए हैं। क्या इन सब गंभीर अपराधों के बावजूद वह बिना किसी जवाबदेही या न्यायिक कार्रवाई के स्वतंत्र छोड़ देना चाहिए?

अपराधों के लिए मिलनी चाहिए सजा

तसलीमा नसरीन ने आगे कहा कि यूनुस को उनके अपराधों के लिए सजा मिलनी ही चाहिए। उन्हें बाकी की जिंदगी जेल में ही बितानी चाहिए। जब इतने सारे लोगों को छोटे-मोटे अपराधों के लिए भी उम्रकैद की सजा दी गई है, तो यूनुस को क्यों छोड़ दिया जाए?

बता दें कि बांग्लादेश लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। फिलहाल अंतरिम सरकार की कमान मुहम्मद यूनुस के हाथ में है, लेकिन स्थिति दिन-ब-दिन और भी खराब होती जा रही है। इसी बीच ऐसी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com