ताजिकिस्तान ने संघर्ष के बीच ईरान भेजी सहायता सामग्री (सोर्स-सोशल मीडिया)
Tajikistan Aid For Displaced Iranians: ईरान में जारी भीषण संघर्ष और विस्थापन के संकट के बीच ताजिकिस्तान ने मानवता की मिसाल पेश की है। ताजिकिस्तान की विस्थापित ईरानियों के लिए सहायता के तहत बुधवार को 110 ट्रकों का एक विशाल काफिला ईरान के लिए रवाना किया गया। इस सहायता का उद्देश्य उन लाखों परिवारों को राहत पहुंचाना है जो युद्ध के कारण अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कदम को एक बड़ी मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।
ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि कुल 3,610 टन राहत सामग्री ईरान भेजी गई है। इस विशाल खेप में 45 टन महत्वपूर्ण दवाइयां और बड़ी मात्रा में स्वच्छता उत्पाद शामिल किए गए हैं। इसके अलावा बच्चों के कपड़े और खाद्य सामग्री भी ट्रक काफिले के माध्यम से भेजी गई है।
काफिले में घरेलू उपयोग का सामान, बिस्तर, टेंट और निर्माण सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। यह सामग्री उन लोगों के लिए भेजी गई है जिनके घर युद्ध में पूरी तरह तबाह हो गए हैं। ताजिकिस्तान की सरकार ने इस कठिन समय में ईरान के नागरिकों का पूरा साथ दिया है।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार ईरान में विस्थापन का संकट बहुत ही गंभीर रूप ले चुका है। आंकड़ों के अनुसार लगभग 6 लाख से 10 लाख परिवार अब तक अस्थाई रूप से विस्थापित हुए हैं। यह संख्या लगभग 32 लाख लोगों के बराबर है जो असुरक्षा के कारण भटक रहे हैं।
युद्ध की विभीषिका के कारण लोग तेहरान जैसे बड़े शहरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। पलायन करने वाले लोग ज्यादातर उत्तरी हिस्सों और ग्रामीण इलाकों की ओर अपना रुख कर रहे हैं। यूएनएचसीआर ने चेतावनी दी है कि संघर्ष जारी रहने पर यह संख्या और भी बढ़ सकती है।
ईरान में पहले से ही रह रहे लगभग 16.5 लाख शरणार्थी इस युद्ध से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इनमें से अधिकांश लोग पड़ोसी देश अफगानिस्तान से आए हैं जो अब दोबारा असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। सीमित सहायता और बढ़ती असुरक्षा ने इन परिवारों को बेहद कमजोर स्थिति में डाल दिया है।
यूएनएचसीआर के अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक सेवाओं तक पहुंच न होने से स्थिति बिगड़ रही है। बच्चों और महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटाना परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। अफगान शरणार्थी परिवारों के पास पलायन के लिए बहुत कम विकल्प शेष बचे हैं।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने हमलों के कारण हुई जनहानि पर बयान दिया है। उनके अनुसार अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में अब तक 1,332 नागरिक मारे जा चुके हैं। इन मृतकों में बड़ी संख्या में निर्दोष महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
राजदूत ने बताया कि हमलों में हजारों लोग घायल हुए हैं और देशभर में 180 से अधिक बच्चों की मौत हुई है। इसके अलावा 20 से अधिक स्कूलों को भी इन हमलों में भारी नुकसान पहुंचा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने से नागरिकों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
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मानवीय सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए एक कठिन कार्य साबित हो रहा है। ताजिकिस्तान की यह मदद तात्कालिक राहत तो प्रदान करेगी लेकिन पुनर्वास के लिए बड़े प्रयासों की आवश्यकता है। विश्व समुदाय को इस मानवीय संकट को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
लगातार बढ़ती असुरक्षा ने ईरान के शहरी बुनियादी ढांचे को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। विस्थापित हुए लाखों लोगों के लिए भोजन और सिर छिपाने की जगह ढूंढना पहली प्राथमिकता है। आने वाले समय में सहायता की मांग और अधिक बढ़ने की प्रबल संभावना जताई गई है।