चीन ने एक्टिव किया ताइवान पर कब्जे का प्लान...बॉर्डर किया सील, फाइटर जेट लगा रहे चक्कर

Chinese FghterJets in Taiwan: चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ रहा है, ताइवान के हवाई और समुद्री क्षेत्रों में चीनी सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
चीन ने एक्टिव किया ताइवान पर कब्जे का प्लान...बॉर्डर किया सील, फाइटर जेट लगा रहे चक्कर
चीन-ताइवान में बढ़ा तनाव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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China-Taiwan Tension: चीन और ताइवान के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। ताइवान के समुद्री और हवाई क्षेत्रों में चीनी सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MOD) ने गुरुवार सुबह (स्थानीय समयानुसार) अपने जलक्षेत्र के पास तीन चीनी सैन्य विमानों और चार चीनी नौसेना के जहाजों की गतिविधियों का पता लगाया है।

जानकारी के मुताबिक, इनमें से एक विमान ने विवादित मध्य रेखा को पार कर ताइवान के उत्तरी हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया है। एमओडी ने बताया कि सुबह 6 बजे (UTC+8) तक पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के तीन विमान और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) के चार जहाज ताइवान के आसपास सक्रिय थे। ताइवान ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी हुई है और आवश्यक सुरक्षा उपाय कर रहा है

ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ

पिछले बुधवार को भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने अपने आस-पास दो पीएलए विमान, चार पीएलएएन जहाज और एक आधिकारिक चीनी जहाज की गतिविधियां दर्ज की थीं। दोनों विमानों ने मध्य रेखा को पार करते हुए उत्तरी एडीआईजेड में प्रवेश किया था। ताइवान ने तब भी स्थिति की निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई की थी।

यह लगातार हो रही चीनी सैन्य गतिविधियां ताइवान पर बीजिंग के बढ़ते सैन्य दबाव की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं। चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और इस तरह की हवाई और समुद्री अतिक्रमणों से दोनों के बीच संबंधों में तनाव और गहराता जा रहा है। यह तनाव वर्षों से जारी भू-राजनीतिक विवादों को उजागर करता है, जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियां जैसे अमेरिका और ब्रिटेन भी जुड़ी हुई हैं।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी

इसके अलावा, चीन की परमाणु क्षमताओं में हो रही तेज प्रगति और उनके विविधीकरण ने वैश्विक सुरक्षा को भी प्रभावित किया है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि पश्चिमी राष्ट्र ताइवान विवाद में हस्तक्षेप करते हैं, तो चीन परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे सकता है या पूरी तरह परमाणु युद्ध तक जा सकता है। यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।

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