Syria Chemical Attack: सीरिया में बड़ा एक्शन! असद काल का क्रूर जनरल गिरफ्तार, खौफनाक जुर्म सुनकर कांप जाएगी रूह

Syria Chemical Attack: सीरिया में पूर्व जनरल को 2013 के भीषण हमले के लिए गिरफ्तार किया गया है। इस दर्दनाक हमले में 1400 नागरिकों की मौत हुई थी। यह दुनिया का बहुत ही बड़ा अपराध था।
Syria Arrest: Assad Era General Arrested For Syria Chemical Attack, Killing 1400 Innocent Citizens
सीरिया के पूर्व जनरल खारदल अहमद दयाउब (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Assad Era General Arrested For Syria Chemical Attack: सीरिया के भीषण गृह युद्ध में हुए सबसे बड़े और खौफनाक अपराध को लेकर एक बड़ी और अहम गिरफ्तारी हुई है। देश के आंतरिक मंत्रालय ने शुक्रवार को अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल असद के शासनकाल के एक पूर्व जनरल को गिरफ्तार कर लिया है। इस खूंखार जनरल पर साल 2013 में राजधानी दमिश्क के बाहरी इलाके में हुए एक बेहद खतरनाक और घातक रासायनिक हमले में शामिल होने का आरोप है। इस नई गिरफ्तारी के बाद पूरी दुनिया में एक बार फिर से इस पुराने और खौफनाक रासायनिक हमले की चर्चाएं बहुत ज्यादा तेज हो गई हैं।

अगस्त 2013 में सीरिया की राजधानी के पास हुए इस रासायनिक हमले में 1400 से अधिक निर्दोष नागरिकों की दर्दनाक जान गई थी। इस जानलेवा और भयानक हमले में मारे गए निर्दोष लोगों में भारी संख्या में बेकसूर महिलाएं, आम आदमी और छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी शामिल थे। अमेरिकी खुफिया और मानवाधिकार समूहों के अनुसार असद शासन की सेना ने विद्रोही नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर यह सबसे घातक हमला किया था। गिरफ्तार किए गए इस जनरल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित इन घातक रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की पूरी निगरानी करने का संगीन आरोप है।

2013 के भयानक हमले का मंजर

सीरिया में जब यह रासायनिक हमला हुआ था, तब वहां के हालात और मंजर बेहद खौफनाक और पूरी तरह से दिल दहला देने वाले बन चुके थे। इस भयानक घटना में बचे लोगों और डॉक्टरों ने ऑनलाइन कई वीडियो पोस्ट किए थे, जिनमें हर तरफ जमीन पर मासूमों के शव पड़े दिख रहे थे। इन दर्दनाक तस्वीरों में कई छोटे बच्चों के मुंह से झाग निकलते हुए और परेशान डॉक्टरों को उन्हें मुश्किल से सांस दिलाने की कोशिश करते देखा गया था।

उस वक्त सीरिया में गृहयुद्ध अपने पूरे चरम पर था और असद सरकार ने इस घातक हमले की जिम्मेदारी लेने से पूरी तरह से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, अमेरिका और रूस के भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद सीरिया को अंततः अपने रासायनिक हथियारों का भंडार ओपीसीडब्ल्यू को सौंपना पड़ा था। इस अहम फैसले से वाशिंगटन और उसके सहयोगी देशों द्वारा सीरिया पर होने वाले संभावित सैन्य हमलों का बहुत बड़ा खतरा उस समय टल गया था।

बशर अल असद लगभग एक दशक से अधिक समय तक सीरिया की सत्ता में काबिज रहे, लेकिन 2024 में इस्लामी विद्रोहियों ने उन्हें पूरी तरह से बेदखल कर दिया। इसके तुरंत बाद असद को अपनी जान बचाकर वहां से मॉस्को भागना पड़ा और इसी के साथ उनके परिवार के दशकों पुराने क्रूर शासन का हमेशा के लिए अंत हो गया। सीरिया की नई सरकार अब असद काल में हुए इन सभी भयानक अत्याचारों के लिए उचित न्याय और दोषियों की पूरी जवाबदेही तेजी से सुनिश्चित कर रही है।

असद युग के जनरल पर बड़े आरोप

गिरफ्तार किए गए पूर्व जनरल खारदल अहमद दयाउब पर असद युग के दौरान कई गंभीर और बड़े युद्ध अपराध करने के बहुत ही सीधे आरोप लगाए गए हैं। आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, उसने दमनकारी अभियानों की निगरानी की और पूर्वी घोउता पर बमबारी के लिए कड़ा रसद समन्वय भी पूरी तरह से किया था। इसके अलावा, इस जनरल पर कई गैर-न्यायिक हत्याओं और ईरान तथा हिजबुल्लाह के साथ मिलकर कई अहम साजिशें रचने का भी बड़ा आरोप है।

सीरिया के इस भीषण और लंबे गृहयुद्ध में लगभग पांच लाख से अधिक लोग मारे गए और लाखों बेकसूर नागरिकों को मजबूरन अपना देश छोड़कर भागना पड़ा था। इस जनरल की अहम गिरफ्तारी से पहले पिछले महीने एक अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित सीरियाई जनरल को भी सुरक्षाबलों ने पकड़ा था। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का स्पष्ट रूप से मानना है कि देश की मजबूत प्रगति और शांति सुनिश्चित करने के लिए यह न्याय प्रक्रिया बहुत ही ज्यादा जरूरी है।

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