बातचीत खुली है, पर हमले का जवाब पूरी ताकत से देंगे: ईरानी स्पीकर गालिबाफ की सख्त चेतावनी

Strait Of Hormuz: ईरानी संसद में कहा गया कि मैदान में सैन्य सफलता के बाद कूटनीति से बढ़त मजबूत करनी चाहिए। अमेरिका द्वारा अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने तक होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना नहीं है।
Iran Strait Of Hormuz Conditions
ईरानी स्पीकर गालिबाफ(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Iran Strait Of Hormuz Conditions: ईरानी संसद के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए सैन्य उपलब्धियों और कूटनीति पर महत्वपूर्ण बयान दिया गया है। संसद में स्पष्ट रूप से कहा गया कि जब युद्ध के मैदान में सफलता मिल जाए तो कूटनीति का मार्ग अपनाना चाहिए।

इसके साथ ही अमेरिका के साथ बातचीत और होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर ईरान की स्थिति पूरी तरह अपरिवर्तनीय बताई गई। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज खुलने की कोई संभावना नहीं है।

सैन्य सफलता के बाद कूटनीति पर जोर

संसदीय संबोधन में इस बात पर जोर दिया गया कि जब विरोधी कमजोर स्थिति में पहुंच जाए, तब कूटनीतिक वार्ता का समय अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में बातचीत के जरिए युद्ध के मैदान में मिली उपलब्धियों को मजबूत करने की कोशिश की जा सकती है।

ईरानी रुख के मुताबिक, सैन्य और कूटनीतिक रणनीति को अलग-अलग देखने के बजाय दोनों को एक-दूसरे से जोड़कर आगे बढ़ाना जरूरी है। युद्ध के दौरान हासिल बढ़त को कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से दीर्घकालिक परिणाम में बदलना इसका अहम हिस्सा बताया गया।

अमेरिका से बातचीत पर ईरान का रुख

अमेरिका के साथ संभावित बातचीत को लेकर भी ईरान ने अपनी स्थिति स्पष्ट बताई है। संसदीय संबोधन में कहा गया कि बातचीत के संबंध में ईरान का रुख स्पष्ट, तार्किक और अपरिवर्तनीय है।

ईरानी नेतृत्व ने अपने कूटनीतिक सिद्धांतों और प्राथमिकताओं से पीछे हटने की संभावना को खारिज किया है। तेहरान के अनुसार अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत को बराबरी, तर्क और पहले से तय शर्तों के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

इस रुख से संकेत मिलता है कि ईरान बातचीत के लिए अपनी शर्तों और प्राथमिकताओं को महत्वपूर्ण मान रहा है। साथ ही किसी बाहरी दबाव के आधार पर अपनी स्थिति बदलने से इनकार किया गया है।

होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर शर्त

होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के मुद्दे पर भी ईरानी संसद में स्पष्ट संदेश दिया गया। कहा गया कि अमेरिका द्वारा अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किए जाने तक स्ट्रेट को खोलने की संभावना नहीं है।

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज में जहाजों की आवाजाही और समुद्री मार्ग को खोलने से जुड़ा फैसला अमेरिका के कदमों और तेहरान की शर्तों से जुड़ा हुआ है। ईरान पहले भी यह कहता रहा है कि अमेरिका को अपनी पुरानी प्रतिबद्धताओं और वादों को पूरा करना होगा।

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वैश्विक व्यापार के लिए अहम है होर्मुज

होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां होने वाले किसी भी घटनाक्रम का असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ तेल और अन्य ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

ईरानी रुख के अनुसार, इस मार्ग को खोलने से जुड़ा कोई भी फैसला अमेरिकी व्यवहार और उठाए गए व्यावहारिक कदमों पर निर्भर करेगा। तेहरान ने संकेत दिया है कि अपनी शर्तों की पूर्ति के बिना वह इस मामले में ढील देने के लिए तैयार नहीं है।

इस तरह होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य अमेरिका और ईरान के बीच प्रतिबद्धताओं, बातचीत और कूटनीतिक कदमों से जुड़ता दिखाई दे रहा है।