स्पेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चे नहीं चला सकेंगे सोशल मीडिया (सोर्स-सोशल मीडिया)
Social Media Age Limit Policy: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए 16 साल से कम उम्र के किशोरों पर सोशल मीडिया बैन का प्रस्ताव दिया है। सांचेज का मानना है कि टेक कंपनियों को बाल शोषण और डीपफेक जैसे अवैध कंटेंट पर रोक लगानी चाहिए। सोशल मीडिया आयु सीमा नीति के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है क्योंकि अन्य यूरोपीय देश भी ऐसा कर रहे हैं। हालांकि एलन मस्क ने इस कदम की कड़े शब्दों में आलोचना की है और सरकार को तानाशाह कहा है।
स्पेन की सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि वह युवाओं को सोशल मीडिया के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए सख्त कानून लाने जा रही है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने एक वैश्विक शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि बच्चे अब ऐसी डिजिटल जगहों के संपर्क में हैं जहां उन्हें कभी अकेला नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कंटेंट और बिना सहमति वाले डीपफेक जैसी समस्याओं को अब और अधिक सहन नहीं किया जा सकता है।
सांचेज ने दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर अवैध गतिविधियों को जानबूझकर फैलने दे रही हैं। उन्होंने मांग की है कि कंपनियों को केवल औपचारिकता के लिए चेक बॉक्स के बजाय अब वास्तविक उम्र वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की सख्त आवश्यकता है। स्पेन के प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकारों को अब इन गंभीर सामाजिक मुद्दों से अपनी आंखें मूंदना पूरी तरह बंद करना चाहिए।
स्पेन ऐसा कड़ा कदम उठाने वाला दुनिया का पहला देश नहीं है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया पहले ही 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध लगा चुका है। फ्रांस ने भी इसी साल जनवरी में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध वाले एक महत्वपूर्ण बिल को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा डेनमार्क और ब्रिटेन जैसे देश भी किशोरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसी तरह के कड़े नियमों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के मालिक एलन मस्क ने स्पेन सरकार के इस प्रस्तावित कानून पर सोशल मीडिया के माध्यम से बहुत ही तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मस्क ने प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की आलोचना करते हुए उन्हें एक फासीवादी तानाशाह तक कह दिया है जो लोगों की ऑनलाइन आजादी को छीनना चाहते हैं। हालांकि मेटा और अन्य प्रमुख टेक कंपनियों ने अभी तक स्पेन के इस आधिकारिक बयान पर अपनी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया है।
भले ही सांचेज की वामपंथी गठबंधन सरकार के पास वर्तमान में स्पेनिश संसद में पूर्ण बहुमत नहीं है लेकिन विपक्षी दलों ने समर्थन के संकेत दिए हैं। विपक्ष का मानना है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी ऑनलाइन सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया के अनियंत्रित उपयोग पर लगाम लगाना जरूरी है। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि स्पेन की संसद इस कानून को आने वाले समय में किस रूप में अपनी अंतिम मंजूरी देती है।
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इस प्रतिबंध को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए तकनीकी बाधाएं सबसे बड़ी चुनौती बन सकती हैं क्योंकि यूजर्स की सही उम्र पता लगाना कठिन है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह कानून सफलतापूर्वक लागू होता है तो भविष्य में पूरी दुनिया में इंटरनेट और सोशल मीडिया के उपयोग का तरीका बदल जाएगा। किशोरों के लिए मोबाइल फोन के उपयोग पर स्कूलों में भी प्रतिबंध लगाने की चर्चा अब स्पेन और फ्रांस जैसे देशों में तेज हो गई है।