स्पेन में जंगलों ने ली 12 जिंदगियां! धधकती आग से मचा हाहाकार, कई लोग अब भी लापता

Spain Wildfires: दक्षिणी स्पेन के अंडालूसिया क्षेत्र के जंगलों में लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में 12 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं।
Rampaging wildfires in Spanish forests: High alert amidst 12 deaths, multiple missing persons, and massive devastation.
स्पेन के जंगलों में लगी आग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Southern Spain Wildfires News In Hindi: यूरोप में चल रही भीषण लू के बीच स्पेन के दक्षिणी हिस्से में कुदरत का कहर टूटा है। अंडालूसिया क्षेत्र के जंगलों में लगी भीषण आग ने अब तक कम से कम 12 लोगों की जान ले ली है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह इस क्षेत्र के हालिया इतिहास की सबसे घातक आग है, जिसने 20वीं और 21वीं सदी के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आग की तेजी और भयावहता को देखते हुए पूरे इलाके में मातम का माहौल है और राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।

तेज हवाओं ने आग को बनाया बेकाबू

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग गुरुवार दोपहर अल्मेरिया प्रांत के लॉस गैलार्डोस नगरपालिका में एन-340 हाईवे के पास लगी थी। भीषण गर्मी और तेज हवाओं के कारण लपटें तेजी से पड़ोसी नगरपालिका बेडर (Bedar) तक फैल गईं। आपातकालीन सेवाओं को कई पीड़ितों के शव उन वाहनों के भीतर मिले, जिनसे वे ग्रामीण बस्तियों से सुरक्षित स्थानों की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे।

लापता लोगों की तलाश जारी

अंडालूसिया के क्षेत्रीय नेता जुआनमा मोरेनो ने बताया कि अभी भी लगभग 19 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए खोजी अभियान चलाया जा रहा है। इस भीषण अग्निकांड में छह अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई है।

लगभग 50 विस्थापित लोगों को एक स्थानीय सांस्कृतिक केंद्र में शरण दी गई है। आग बुझाने के लिए स्पेन की सैन्य आपातकालीन इकाई (UME) के 150 विशेषज्ञों सहित कुल 300 से अधिक कर्मी तैनात किए गए हैं। भारी धुएं के कारण दो प्रमुख राजमार्गों को भी बंद करना पड़ा है।

पीएम पेड्रो सांचेज ने जताया दुख

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। हालांकि आग लगने के सटीक कारणों की जांच अभी भी जारी है लेकिन कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स का संकेत है कि बिजली की एक गिरी हुई लाइन से सूखी झाड़ियों में आग भड़की हो सकती है।

जलवायु परिवर्तन का बढ़ता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी यूरोप में मई और जून के दौरान पड़ी रिकॉर्ड गर्मी ने जमीन को काफी सुखा दिया है, जिससे इस साल जंगलों में आग लगने का खतरा काफी बढ़ गया है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, यूरोप वैश्विक औसत से दोगुनी रफ्तार से गर्म हो रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी भीषण गर्मी और आग की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ने की आशंका है।

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