ट्रंप के इस दांव के बाद भड़का युद्ध! यूक्रेन का रूस के तेल ठिकानों पर ड्रोन हमला; मास्को में गहराया ईंधन संकट

Ukraine Drone Strike: यूक्रेन ने रूस के तेल डिपो और टैंकरों पर ड्रोन हमले किए हैं, जिससे रूस में ईंधन संकट गहरा गया है। वहीं, ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल बनाने का लाइसेंस देने का वादा किया है।
War escalates following Trump's move! Ukraine launches drone attacks on Russian oil facilities; fuel crisis deepens in Moscow.
रूस ने यूक्रेन पर किया हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Ukraine Drone Strike Russia Oil Depot: कीव और मास्को के बीच जारी युद्ध अब एक नए और अधिक आक्रामक चरण में प्रवेश कर चुका है। यूक्रेनी ड्रोनों ने रूस के भीतर गहराई में स्थित तेल सुविधाओं और आजोव सागर में तेल टैंकरों को निशाना बनाकर भारी तबाही मचाई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को 'पैट्रियट' वायु रक्षा प्रणाली बनाने का लाइसेंस देने की बात कही है।

तेल ठिकानों पर कहर

यूक्रेनी ड्रोनों ने गुरुवार को रूस के कई ऊर्जा ठिकानों पर सटीक हमले किए। पश्चिमी रूसी शहर टवेर में एक तेल डिपो में भीषण आग लग गई, जबकि स्टावरोपोल क्षेत्र के व्याज़्निकी में तेल के जलाशयों में विस्फोट के बाद प्रशासन को पास की इमारतों को खाली कराना पड़ा।

इसके अलावा, आजोव सागर में दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया, जिससे समुद्री मार्ग से होने वाली ईंधन आपूर्ति बाधित हुई है। राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों को 'दूरगामी प्रतिबंधों' का हिस्सा बताया है, जिसका उद्देश्य रूस को यह महसूस कराना है कि युद्ध का प्रभाव अब उसके अपने घर तक पहुंच चुका है।

रूस में गहराया ईंधन संकट

यूक्रेन के इन लक्षित हमलों ने रूस के भीतर एक व्यापक ईंधन संकट पैदा कर दिया है। रूस के कई क्षेत्रों में गैसोलीन की भारी कमी और राशनिंग की खबरें आ रही हैं। रूसी वाहन चालक अपनी गाड़ियों के टैंक भरने के लिए घंटों कतारों में इंतजार करने को मजबूर हैं।

मास्को ने इन हमलों का जवाब यूक्रेन के कई शहरों पर लंबी दूरी के ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करके दिया है, जिससे कीव सहित 13 स्थानों पर नुकसान हुआ है।

ट्रंप देंगे पैट्रियट मिसाइल सिस्टम

नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की से मुलाकात के बाद, ट्रंप ने यूक्रेन की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए पैट्रियट मिसाइल सिस्टम के घरेलू उत्पादन का लाइसेंस देने की बात कही। हालांकि, यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के सलाहकारों का मानना है कि इस जटिल प्रणाली का उत्पादन शुरू करने में महीनों या उससे अधिक का समय लग सकता है।

बोइंग और L3Harris जैसे वैश्विक निर्माताओं से पुर्जों की आपूर्ति और लंबी निर्माण प्रक्रिया इसमें मुख्य बाधा हो सकती है। गौरतलब है कि जर्मनी भी पैट्रियट मिसाइल बनाने का लाइसेंस रखता है और जल्द ही उत्पादन शुरू करने वाला है।

रूस ने दी चेतावनी

क्रेमलिन ने ट्रंप के इस कदम पर तीखी और मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने अमेरिकी स्थिति को 'अस्पष्ट' बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यूक्रेन द्वारा हमलों में वृद्धि रूस को यूक्रेन के भीतर एक बड़ा 'सुरक्षा क्षेत्र' या बफर जोन बनाने के लिए मजबूर करेगी।

क्रेमलिन का मानना है कि सैन्य दबाव से शांति नहीं आएगी, बल्कि युद्ध और लंबा खिंचेगा। इस बीच, ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि आवश्यक हुआ, तो वह यूक्रेन के लिए 'नो-फ्लाई जोन' पर भी विचार कर सकते हैं, जिसे रूस ने नाटो की सीधी भागीदारी की चेतावनी के रूप में लिया है।

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