

Highlights:
AI स्मार्ट चश्मों से नकल करने वाले छात्रों पर साउथ कोरिया में आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा।
दोषी छात्रों पर तीन साल तक कॉलेज प्रवेश परीक्षा देने की रोक लगाने की तैयारी है।
हर परीक्षा केंद्र पर संदिग्ध स्मार्ट चश्मों की पहचान के लिए विशेष कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
Suneung Exam tougher IIT exam: साउथ कोरिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस स्मार्ट चश्मों के जरिए परीक्षा में नकल करने वाले छात्रों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। सरकार ऐसे छात्रों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने और सजा को पहले से ज्यादा सख्त करने की तैयारी कर रही है। नए नियमों के तहत स्मार्ट चश्मों से नकल करते पकड़े जाने वाले छात्रों को तीन साल तक दोबारा कॉलेज प्रवेश परीक्षा देने से रोका जा सकता है। फिलहाल इस अपराध के लिए एक साल तक परीक्षा देने पर प्रतिबंध का प्रावधान है।
साउथ कोरिया के शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी ली जून-ह्युक ने शुक्रवार को न्यूज एजेंसी AFP को बताया कि मंत्रालय स्मार्ट चश्मों से नकल करने वाले छात्रों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज कराएगा। हालांकि, ये बदलाव अगले महीने होने वाली प्रवेश परीक्षा में लागू होने की संभावना कम है। अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा में अब केवल 20 दिन बचे हैं और इतने कम समय में नियमों में बदलाव करना व्यावहारिक नहीं है। योजना है कि अगले साल से नए नियम लागू किए जाएं।
क्या है साउथ कोरिया की सुनुंग परीक्षा?
साउथ कोरिया में कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा को सुनुंग (Suneung) कहा जाता है। इसे दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए इस परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना बेहद जरूरी माना जाता है। यहां बेहतर शिक्षा और नौकरी के साथ सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से भी इस परीक्षा का खास महत्व है।
इस परीक्षा की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजी के लिसनिंग टेस्ट के दौरान 35 मिनट तक देशभर में उड़ानों पर रोक लगा दी जाती है। बैंकों और सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों को भी एक घंटे देरी से काम पर पहुंचने के निर्देश दिए जाते हैं, ताकि छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में ट्रैफिक की परेशानी न हो। परीक्षा करीब आठ घंटे तक चलती है।
ध्यान देने वाली बात ये है कि इस पेपर में भी भारत के IIT परीक्षा की तरह ही 1 से 2 परसेंट कैंडिडेट ही पास होते हैं। सुनुंग परीक्षा में एक ही दिन में 8 घंटे का लगातार मैराथन एग्जाम होता है।
स्मार्ट चश्मों से नकल रोकने के लिए सरकार ने यह कदम हाल की घटनाओं के बाद उठाया है। सियोल की एक यूनिवर्सिटी में निबंध परीक्षा के दौरान तीन छात्रों को स्मार्ट चश्मा पहने या अपने पास रखते हुए पकड़ा गया था। इसके अलावा ताइवान की नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी में भी एक छात्र को AI स्मार्ट चश्मे की मदद से नकल करने पर प्रवेश परीक्षा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
स्मार्ट चश्मों में कैमरा और AI असिस्टेंट जैसी सुविधाएं होती हैं। इनकी मदद से फोटो-वीडियो लेने के साथ सवालों के जवाब भी हासिल किए जा सकते हैं। नए नियमों के तहत साउथ कोरिया के हर परीक्षा केंद्र पर एक विशेष कर्मचारी तैनात किया जाएगा, जो संदिग्ध स्मार्ट चश्मों की पहचान करेगा।