सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप को किया 2 बार फोन, अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ सैन्य मदद से किया इनकार

Yemen Houthi Strikes: यमन में हूती हमलों के बीच सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से दो बार बात कर सैन्य हमले करने का अनुरोध किया, लेकिन ट्रंप ने हमले से इनकार किया है।
Mohammed bin Salman Call Trump For Houthi Strikes
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Mohammed bin Salman Call Trump For Houthi Strikes: यमन में हूती विद्रोहियों के बढ़ते प्रभाव ने सऊदी अरब की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो बार फोन पर बात की और हूतियों के खिलाफ सीधे अमेरिकी सैन्य हमले की मांग की।

हालांकि, ट्रंप ने यमन में सीधे सैन्य हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। अमेरिका ने इसके बजाय सऊदी अरब के साथ खूफिया जानकारी और टारगेटिंग डेटा शेयर करने पर सहमति जताई है।

यमन के मोचा पर हूतियों का कब्जा

यमन में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हूती लड़ाकों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तटीय शहर मोचा पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इसके बाद वे दक्षिण की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि यमनी बल पीछे हट रहे हैं।

मोचा की स्थिति सऊदी अरब के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के नजदीक है। इस समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह का खतरा क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।

MBS ने ट्रंप से दो बार की फोन पर बात

हूतियों की बढ़ती गतिविधियों से चिंतित क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने गुरुवार को ट्रंप को दो बार फोन किया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने हूती ठिकानों पर सीधे अमेरिकी मिसाइल हमले करने का अनुरोध किया।

हालांकि ट्रंप ने यमन में बढ़ते संकट पर चिंता जताई, लेकिन उन्होंने सीधे अमेरिकी हमले से इनकार कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, वाशिंगटन की फिलहाल यमन में सीधे सैन्य हस्तक्षेप की योजना नहीं है।

बाब अल-मंडेब से तेल आपूर्ति पर खतरा

बाब अल-मंडेब स्ट्रेट दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह सऊदी अरब के कच्चे तेल निर्यात के लिए भी अहम है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से ऊर्जा बाजार में दबाव बढ़ सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, नए सैन्य संकट और आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरों ने भी स्थिति को और संवेदनशील बनाया है।

जुलाई में सना एयरपोर्ट विवाद से बढ़ा तनाव

सऊदी अरब और हूतियों के बीच मौजूदा तनाव की एक बड़ी कड़ी जुलाई 2026 की घटना से जुड़ी है। उस समय रियाद ने एक ईरानी विमान को रोका था, जो ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार से लौट रहे हूती अधिकारियों को लेकर सना जा रहा था।

इसके बाद हूतियों ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों और अरामको के ऊर्जा ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। जवाब में सऊदी अरब ने भी हवाई कार्रवाई की, लेकिन हूतियों की बढ़त पूरी तरह रोकने में सफलता नहीं मिली।

Mohammed bin Salman Call Trump For Houthi Strikes
BRICS Summit 2026: दिल्ली पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, PM मोदी के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता

अमेरिका देगा खुफिया मदद

अमेरिका ने सीधे हवाई हमले की मांग को मंजूरी नहीं दी है, लेकिन सऊदी अरब के साथ सैन्य सहयोग जारी रखने का संकेत दिया है। अमेरिका हूती ठिकानों से जुड़ी सटीक खूफिया जानकारी और टारगेटिंग डेटा साझा करने पर सहमत हुआ है।

करीब 200 अमेरिकी सैन्यकर्मी पहले से सऊदी अरब में गैर-गतिशील सैन्य सहायता अभियानों में शामिल हैं। इसी समन्वय को मजबूत करने के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने रियाद का दौरा किया। अमेरिका का मुख्य लक्ष्य लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जबकि यमन में सीधे नया सैन्य मोर्चा खोलने से बचना उसकी मौजूदा रणनीति बताई जा रही है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com