Saudi Drone Attack: सऊदी के तेल ठिकानों पर ड्रोन अटैक की कोशिश, कतर ने बयान जारी कर जताया विरोध

Saudi Drone Attack: कतर ने सऊदी अरब के अहम तेल ठिकानों पर हुए खतरनाक ड्रोन हमले की कोशिश की कड़ी निंदा की है। इराक से छोड़े गए इन सभी ड्रोन्स को सऊदी रक्षा बलों ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है।
Qatar Condemns Attempted Drone Attack On Saudi Arabia Oil Facilities 
सऊदी अरब पर ड्रोन अटैक की कोशिश (सोर्स- IANS)
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Qatar Condemns Attempted On Saudi Drone Attack: ताजा खबरों के अनुसार सऊदी अरब के महत्वपूर्ण तेल ठिकानों पर एक बहुत बड़ा और खतरनाक ड्रोन हमला करने की कोशिश की गई है। पड़ोसी देश कतर ने इस निंदनीय हमले की कोशिश की कड़े शब्दों में आलोचना की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का बहुत बड़ा उल्लंघन बताया है। कतर ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए उठाए गए सऊदी अरब के सभी कदमों का पूरा समर्थन करता है।

सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में स्थित तेल ठिकानों को सीधे तौर पर निशाना बनाने की भारी कोशिश की गई थी। ये सभी हथियारबंद ड्रोन इराक के क्षेत्र से लगातार छोड़े गए थे, जो सऊदी अरब की संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा हैं। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को पूरी तरह से नाकाम करते हुए सभी ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है। मंत्रालय ने बताया कि उनकी अत्याधुनिक हवाई सुरक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक इन ड्रोनों को रोककर देश को बड़े नुकसान से बचा लिया।

ईरान समर्थित समूहों पर शक

सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने बयान में स्पष्ट कहा है कि ये सभी खतरनाक ड्रोन हमले इराकी क्षेत्र से ही किए गए थे। उन्होंने यह भी बड़ा दावा किया है कि इन सुनियोजित हमलों को ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों ने पूरी तरह से अंजाम दिया है। सऊदी अरब ने साफ कहा है कि उसे अपनी सुरक्षा और बहुमूल्य संसाधनों की रक्षा करने का पूरा और वैध अधिकार हमेशा से प्राप्त है। जरूरत पड़ने पर वह इस गंभीर हमले का माकूल जवाब देने का अधिकार भी पूरी तरह से सुरक्षित रखता है।

इराक ने शुरू की उच्च स्तरीय जांच

इस बड़ी घटना के बाद अभी तक इराक के किसी भी आतंकी समूह ने इस ड्रोन हमले की आधिकारिक तौर पर कोई जिम्मेदारी बिल्कुल नहीं ली है। दूसरी तरफ इराक के प्रवक्ता सबा अल-नुमान ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रिपरिषद ने इस पूरे मामले पर अपनी एक बहुत अहम और पहली बड़ी बैठक की है। इस महत्वपूर्ण बैठक में सीधे तौर पर यह कड़ा आदेश दिया गया है कि अगर हमले इराकी जमीन से किए गए थे तो कड़ी और निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसके लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ तुरंत और बेहद सख्त कदम हर हाल में उठाए जाएंगे।

शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपील

कतर ने अपने बयान में साफ कहा है कि ये सभी हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अच्छे पड़ोसी संबंधों के मूल सिद्धांतों का पूरी तरह से साफ उल्लंघन करते हैं। इसके साथ ही इराक में 20 मई को एक विशेष समिति भी बनाई गई थी जो ऐसे मामलों की बहुत ही गहन और निष्पक्ष जांच हमेशा करती है। यह खास समिति मुख्य रूप से सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ मिलकर काम करने के बड़े उद्देश्य से विशेष रूप से गठित की गई थी। इस पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी देश इस तरह के घातक और गैरकानूनी हमलों को पूरी तरह रोकने का लगातार कड़ा प्रयास कर रहे हैं।

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