VIDEO: यमन में फिर गूंजे धमाके, सऊदी अरब पर एयरस्ट्राइक का आरोप; क्या शुरू हो गई नई जंग?

Saudi Arabia Yemen Airstrike: यमन में जारी गृहयुद्ध संघर्षों के बीच एक नया विवाद सामने आया है। दक्षिणी यमन के अलगाववादियों ने सऊदी अरब पर उनकी सेना पर एयरस्ट्राइक करने का गंभीर आरोप लगाया है।
VIDEO: Explosions heard again in Yemen! Saudi Arabia accused of airstrikes, has a new war begun?
यमन ने लगाया सऊदी अरब पर एयरस्ट्राइक का आरोप, सांकेतिक फोटो (सो. एआई डिजाइन)
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Yemen latest News In Hindi: दुनिया भर में चल रहे संघर्षों के बीच अब यमन से एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दक्षिणी यमन के अलगाववादी गुट सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) ने सऊदी अरब पर उनकी सेना पर हवाई हमला करने का आरोप लगाया है। यह आरोप शुक्रवार को लगाया गया, हालांकि सऊदी अरब ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

अलगाववादियों का दावा है कि सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के हदरमौत क्षेत्र में उनकी सैन्य इकाइयों को निशाना बनाया। एसटीसी के अनुसार, ये हमले उन इलाकों में हुए हैं जिन पर हाल ही में उनका कब्जा हुआ था। फिलहाल इन हमलों में किसी के घायल या हताहत होने की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

यमन के अलगाववादियों को चेतावनी

एसटीसी से जुड़े सैटेलाइट चैनल एआईसी ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो भी प्रसारित किया है। चैनल का दावा है कि यह फुटेज सऊदी विमानों द्वारा किए गए हवाई हमलों को दिखाता है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक व्यक्ति को सऊदी विमानों को हमले का जिम्मेदार ठहराते हुए सुना जा सकता है।

देखें VIDEO-

यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब एक दिन पहले ही सऊदी अरब ने दक्षिणी यमन के अलगाववादियों को चेतावनी दी थी कि वे जिन गवर्नरेट्स पर उन्होंने कब्जा किया है, वहां से पीछे हट जाएं। सऊदी अरब ने दिसंबर 2025 की शुरुआत में हदरमौत और अल-महरा गवर्नरेट्स पर एसटीसी के कब्जे को “अनावश्यक उकसावा” करार दिया था और तत्काल वापसी की मांग की थी।

हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक नाजुक गठबंधन

गौरतलब है कि एसटीसी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का समर्थन प्राप्त है, जबकि सऊदी अरब लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता रहा है। दोनों देश ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक नाजुक गठबंधन का हिस्सा हैं, जो पिछले एक दशक से यमन के उत्तरी हिस्सों में सक्रिय हैं।

हालांकि, दक्षिणी यमन में सऊदी और यूएई समर्थित गुटों के बीच बढ़ते मतभेद इस गठबंधन को कमजोर कर सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव बढ़ता है, तो इसका फायदा हूती विद्रोहियों को मिल सकता है।

अब तक हवाई हमलों की पुष्टि नहीं

फिलहाल सऊदी अरब के अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस समेत किसी भी मीडिया के सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया है। वहीं, किसी स्वतंत्र स्रोत से भी अब तक इन कथित हवाई हमलों की पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन यह घटनाक्रम साफ तौर पर यमन के दक्षिण में तेजी से बदलते समीकरणों और बढ़ते तनाव की ओर इशारा करता है।

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