

Saudi Arabia Missile Attack Sanaa Airport: मिडिल ईस्ट में तनाव अब केवल होर्मुज तक सीमित नहीं रह गया है। खाड़ी क्षेत्र में एक नया और विनाशकारी मोर्चा खुल गया है, जहां सऊदी अरब और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही एक-दूसरे पर मिसाइलें बरसा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने यमन की राजधानी सना के हवाई अड्डे को निशाना बनाया है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की लपटें तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, साल 2022 के बाद दोनों पक्षों के बीच यह सबसे गंभीर सैन्य टकराव है, जो लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष विराम के पूरी तरह टूटने का संकेत है।
यह भीषण हमला उस वक्त हुआ जब ईरान की 'माहान एयरलाइंस' का एक विमान सना एयरपोर्ट पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था। सऊदी अरब ने हवाई पट्टी पर मिसाइलें दागकर विमान की लैंडिंग को रोकने का प्रयास किया।
गौरतलब है कि यह उड़ान एक दशक से अधिक समय बाद तेहरान से सना के बीच संचालित की गई थी, जिसमें हूतियों का एक उच्च स्तरीय डेलिगेशन सवार था, जो ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहा था। सऊदी अरब को संदेह है कि ऐसी उड़ानों के जरिए ईरान हूतियों तक हथियार और सैन्य सलाहकार पहुंचा रहा है।
इस सैन्य कार्रवाई के पीछे कूटनीतिक हलचल भी तेज है। अमेरिकी समाचार वेबसाइट 'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार, हमले से पहले सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर विस्तार से चर्चा की थी।
बताया जा रहा है कि क्राउन प्रिंस ने हूतियों के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई के लिए अमेरिका से सैन्य और कूटनीतिक समर्थन मांगा था, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया। अमेरिका ने बताया है कि वह अपने सहयोगी सऊदी अरब के साथ खड़ा है, जिससे सऊदी के हौसले बुलंद हैं।
सऊदी के मिसाइल हमले के जवाब में हूतियों ने भी चुप बैठने के बजाय आक्रामक रुख अपनाया है। हूतियों ने सऊदी अरब के विभिन्न ठिकानों पर जवाबी मिसाइलें दागीं और चेतावनी दी है कि यदि उनके विमानों को रोका गया, तो वे सऊदी अरब के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेंगे। हूतियों का आरोप है कि सऊदी अरब नागरिक उड़ानों को बाधित कर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।