रूस का यूक्रेन पर भीषण हमला, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह, बिजली गुल; 7 साल की बच्ची समेत 3 की मौत

Ukraine News Hindi: रूस ने यूक्रेन के बिजली नेटवर्क पर बड़ा हमला किया है जिसके बाद देशभर में ब्लैकआउट हो गया। इस हमले में तीन लोगों की मौत हुई है और करीब लोग 17 घायल हुए हैं।
Russia's massive attack on Ukraine destroys energy infrastructure, causes power outages; 3 killed, including a 7-year-old girl.
रूस का यूक्रेन पर भीषण हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Russia Ukraine War: रूस ने गुरुवार को यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। इस हमले से पूरे देश में बिजली गुल हो गई है। जिसके बाद अस्पतालों, पानी और हीटिंग सिस्टम पर गंभीर असर पड़ा है। यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिदेंको ने इस हमले को सिस्टमेटिक एनर्जी टेरर बताते हुए कहा कि रूस का उद्देश्य लोगों को अंधेरे में डालना और उनके जीवन को अस्थिर करना है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रूसी हमलों में तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें 7 साल की एक बच्ची भी शामिल है। इसके अलावा 17 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई बच्चे (2 से 16 वर्ष के बीच) शामिल हैं।

ड्रोन और मिसाइलों से हमला

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने जानकारी दी कि रूस ने इस हमले में 650 से ज्यादा ड्रोन और 50 से अधिक मिसाइलें दागीं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को अपनी सुरक्षा के लिए तत्काल अधिक एयर डिफेंस सिस्टम और कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की आवश्यकता है।

किन इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ

दक्षिणी जपोरिजिया क्षेत्र में हमले में 17 लोग घायल हुए जिनमें एक 2 साल की बच्ची भी शामिल है। बचाव दल ने मलबे से एक व्यक्ति को निकाला लेकिन उसकी मौत हो गई। इस क्षेत्र में कुल दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मध्य-पश्चिमी विनिट्सिया क्षेत्र में 7 साल की बच्ची घायल हो गई थी जिसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई। इसके अलावा लविव क्षेत्र जो पोलैंड की सीमा के पास स्थित है वहां दो प्रमुख ऊर्जा सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।

ठंड और अंधेरे में झोंकने की कोशिश

इस हमले के बाद पोलैंड और NATO ने सुरक्षा उपाय कड़े कर दिए हैं। पोलिश सेना ने अपने और NATO के विमानों को हवाई निगरानी मिशन पर भेजा है। साथ ही रेडॉम और लुबलिन हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से मिलिट्री ऑपरेशन्स के लिए बंद कर दिया गया है। यूक्रेन का कहना है कि रूस की यह रणनीति सर्दियों से पहले नागरिकों को ठंड और अंधेरे में झोंकने की कोशिश है। वहीं, अमेरिका और यूरोपीय देशों के प्रयासों के बावजूद रूस को शांति वार्ता के लिए तैयार नहीं किया जा सका है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

प्रधानमंत्री स्विरिदेंको ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध, ऊर्जा आपूर्ति में नियंत्रण और एयर डिफेंस सहायता दी जाए ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रूस की तरफ से अब तक इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

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