Taliban Deal: रूस और तालिबान के बीच हुई सबसे बड़ी डिफेंस डील, पाकिस्तान को लगा एक बहुत बड़ा झटका

Taliban Deal News: रूस ने अफगानिस्तान को एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम देने के लिए एक अहम रक्षा समझौता किया है। इस ऐतिहासिक कदम से पड़ोसी देश पाकिस्तान को बहुत ही तगड़ा और बड़ा झटका लगा है।
Taliban Deal: Moscow agrees to provide advanced air defense systems to Afghanistan scaring Pakistan
रूस तालिबान रक्षा समझौता (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Russian Taliban Deal Update: रूस और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के बीच एक बहुत ही अहम रक्षा समझौता हुआ है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत रूस अब अफगानिस्तान को आधुनिक और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम प्रदान करेगा। यह बड़ा कदम सीधे तौर पर पाकिस्तान के लिए एक बहुत ही भारी कूटनीतिक और सामरिक झटका माना जा रहा है। इस अहम फैसले से पूरे दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बहुत बड़ा और व्यापक बदलाव आने की प्रबल संभावना है।

मॉस्को में आयोजित एक विशेष बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण रक्षा सौदे पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए हैं। इस डील में हवाई सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ कई अन्य जरूरी जमीनी सैन्य हथियार भी पूरी तरह शामिल किए गए हैं। रूसी सुरक्षा परिषद और तालिबान के रक्षा मंत्री की मौजूदगी में इस अहम और बड़े समझौते को अंतिम रूप दिया गया है। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते काफी मजबूत हो गए हैं।

हथियारों के साथ मिलेगा प्रशिक्षण

इस नए समझौते के तहत रूस केवल खतरनाक हथियार ही नहीं बल्कि तालिबान सेना को जरूरी सैन्य प्रशिक्षण भी देगा। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्षों के बीच इस अहम मुद्दे पर पहले भी कई बार गंभीर बातचीत हो चुकी थी। अब मुजाहिद की इस विशेष यात्रा के दौरान रूस ने अपने पुराने वादों को पूरा करने की दिशा में कड़ा कदम उठाया है। अगर तालिबान के हाथ यह बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम लग जाता है तो पाकिस्तान के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। इसके बाद पाकिस्तानी सेना के लिए अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर कोई भी एयर स्ट्राइक करना लगभग असंभव सा हो जाएगा। यह आधुनिक तकनीक सीधे तौर पर पाकिस्तान की सैन्य आक्रामकता को पूरी तरह से रोक कर तालिबान को सुरक्षित करेगी।

एस-400 सिस्टम मिलने की संभावना

सूत्रों के अनुसार रूस अफगानिस्तान को वही शक्तिशाली एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम दे सकता है जिसका इस्तेमाल भारत भी करता है। इसी ताकतवर सिस्टम ने पिछले वर्ष 314 किलोमीटर की दूरी से एक पाकिस्तानी अवाक्स एयरक्राफ्ट को आसानी से मार गिराया था। इस शक्तिशाली सिस्टम के शामिल होने से तालिबान की सैन्य ताकत में अचानक से कई गुना भारी और बड़ा इजाफा हो जाएगा।

सत्ता में आने के बाद से ही तालिबान सरकार ने रूस के साथ अपने राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध बहुत अच्छे बनाए रखे हैं। हालांकि रूस अभी तक आधिकारिक तौर पर तालिबान सरकार को मान्यता नहीं देता है लेकिन उनके रिश्ते काफी गहरे हो चुके हैं। साल 2022 में भी मॉस्को ने अफगानिस्तान के साथ तेल, गैस और गेहूं की आपूर्ति के लिए एक बड़ा समझौता किया था।

पुतिन की खास कूटनीतिक रणनीति

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अफगानिस्तान में स्थिरता बनाए रखने के लिए तालिबान के साथ संबंधों को बहुत ही महत्वपूर्ण माना है। उनका स्पष्ट मानना है कि काबुल में मौजूद वर्तमान नेतृत्व के साथ सीधे संपर्क के बिना कोई भी देश प्रभाव नहीं डाल सकता। रूस उन गिने-चुने देशों में है जिसने 2021 में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अपना दूतावास वहां बंद नहीं किया था।

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