कीव पर रूस का जबरदस्त हमला, ड्रोन और मिसाइलों से धधक उठी यूक्रेन की राजधानी

रूस ने कीव पर ड्रोन और मिसाइलों से भीषण हमला किया, जिससे शहर में जोरदार विस्फोट हुए। हमले से जान बचाने के लिए कई नागरिकों ने मेट्रो स्टेशनों को शरणस्थल बना लिया।
कीव पर रूस का जबरदस्त हमला, ड्रोन और मिसाइलों से धधक उठी यूक्रेन की राजधानी
कीव पर रूस का जबरदस्त हमला, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
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कीव: यूक्रेन की राजधानी कीव पर शुक्रवार रात देर से रूस ने ड्रोन और मिसाइलों के माध्यम से एक शक्तिशाली हमला किया। शहर के विभिन्न हिस्सों में धमाके सुनाई दिए। इस हमले के कारण कई लोग डर के मारे अपनी सुरक्षा के लिए मेट्रो स्टेशनों में शरण लेने पर मजबूर हो गए। कीव के मिलिट्री प्रशासन के कार्यवाहक प्रमुख टिमुर त्काचेंको ने जानकारी दी कि रूसी ड्रोन और मिसाइल के टूटे हुए हिस्से कम से कम चार जगहों पर गिरे हैं। इस हमले में छह लोगों को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी।

सोलोमियान्स्की जिले में दो स्थानों पर आग लग गई। कीव के मेयर विटाली क्लिट्सचको ने हमले से पहले चेतावनी दी थी कि 20 से अधिक रूसी ड्रोन कीव की ओर बढ़ रहे हैं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध 24 फरवरी 2022 को तब शुरू हुआ था, जब रूस ने यूक्रेन पर एक बड़ा सैन्य हमला किया। तब से अब तक दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यूक्रेन में हजारों लोगों की जान गई है, जिनमें आम नागरिक भी शामिल हैं।

युद्ध में रूस को भारी नुकसान

यूक्रेन के कई शहर जिसमें विशेष रूप से खार्किव, मारियुपोल और कीव, बार-बार रूसी हमलों के शिकार हुए हो रहे हैं। हमले की वजह से कई इमारतें, स्कूल, अस्पताल और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। इस कारण लाखों यूक्रेनी लोग देश छोड़कर शरणार्थी बन गए हैं।दोनों देशों में चल रहे इस युद्ध में रूस को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है।

अब तक हजारों रूसी सैनिक इस युद्ध में अपनी जान गंवा चुके हैं, और देश की अर्थव्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का गहरा प्रभाव पड़ा है। हालांकि, सही आंकड़े सामने आना मुश्किल है क्योंकि दोनों पक्ष अपनी क्षतियों की पूरी जानकारी साझा नहीं करते।

भय के माहौल में जी रहे लोग

कीव में हाल के रूसी हमले ने इस युद्ध की भयंकरता को फिर से उजागर कर दिया है। यूक्रेनी सेना लगातार रूसी हमलों का मुकाबला कर रही है, लेकिन लगातार हमलों की वजह से शहर के लोग भय और अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं। बीच-बीच में दोनों देशों के बीच सीजफायर की बातचीत से शांति की उम्मीद जगी थी, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।

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