

Russia Volcano Eruption: रूस में बुधवार को कामचटका प्रायद्वीप के पास 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप इतना शाक्तिशाली था कि इसके झटके लगभग 10 हजार किलोमीटर दूर इटली, स्पेन, पुर्तगाल और यहां तक कि मोरक्को में महसूस किए गए। रूस के लोग भूकंप के झटकों से संभले ही थे कि कुछ घंटों बाद और बुरी खबर आई जिसनें लोगों को दहशत के भर दिया।
दरअसल भूकंप के कुछ घंटों बाद ही रूस के सुदूर इलाकें में मौजूद क्लुचेव्स्काया ज्वालामुखी पड़ा। इसके बाद एहतियाद के तौर पर प्रशांत तट के कुछ हिस्सों रहने वाले लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस बात की जानकारी रूसी भूभौतिकीय सर्वेक्षण ने दी। रूसी अधिकारियों ने बताया कि क्लुचेव्स्काया अभी फट रहा है। ज्वालामुखी के ऊपर नारंगी रंग की ज्वाला नजर आ रही है।
रूस में बुधवार तड़के आए 8.8 तीव्रता का भूकंप आया। विशेषज्ञों के अनुसार ये इतिहास में आया अब तक का छठवां सबसे बड़ा भूकंप है। इसके कारण रूस, जापान, अमेरिका के हवाई और प्रशांत महासागर में सुनामी आने का खतरा बढ़ गया। यह भूकंप मार्च 2011 के बाद दुनिया में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। सुनामी के खतरे को देखते हुए जापान सभी देशों में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। हालांकि अभी तक इससे किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों की माने तो रूस, जापान और अमेरिका के लिए संकट का समय समाप्त हो गया है। इसके चलते सुनामी संबंधी चेतावनी के स्तर को कम कर दिया गया है, हालांकि दक्षिण अमेरिका के प्रशांत तट पर चिली और कोलंबिया में नई चेतावनियों के कारण लोगों को अपना घर खाली करना पड़ रहा है। वहीं, जापान सरकार ने भी सावधानी बरतते हुए समुद्र तट पर रहने वाले 20 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
वहीं, रूसी आपातकालीन मंत्रालय ने चेतावनी जारी की है कि कामचटका में आने वाले समय में 7.5 तक के भूकंप आ सकते हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि अवाचा खाड़ी, जहां क्षेत्रीय राजधानी पेत्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की स्थित है, में और भी सुनामी आने की आशंका है।