

Tsunami in Japan: रूस में बुधवार को इतिहास का छठवां सबसे शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 8.7 मापी गई। इस भूकंप के बाद जापान के मौसम विभाग ने संभावित सुनामी की चेतावनी जारी की थी। जानकारी के अनुसार, जापान सरकार ने एहतियातन 20 लाख लोगों को तुरंत अपने घर खाली करने का आदेश दिया है। इससे देश में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास 8.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। यह भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इसके झटके 10,500 किलोमीटर दूर इटली, स्पेन, पुर्तगाल और यहां तक कि मोरक्को तक में महसूस किए। जापान के तट पर ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही है।
जापान में सुनामी की लहरें फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट तक पहुंच गई हैं, जिसके चलते सभी कर्मचारियों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है, लेकिन स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस घटना ने 2011 की विनाशकारी सुनामी की यादें ताजा कर दी हैं, जब 9.0 तीव्रता के भूकंप के बाद फुकुशिमा दाइची प्लांट में गंभीर परमाणु हादसा हुआ था। मौजूदा खतरे को देखते हुए लगभग 20 लाख लोगों को अपने घर खाली करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं, फ्रेंच पोलिनेशिया के अधिकारियों ने मार्केसास द्वीपसमूह के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। बताया गया है कि मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात को उआ हुक्का, नूकु हिवा और हिवा ओआ द्वीपों पर 1.10 से 2.20 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। यह चेतावनी रूस के सुदूर पूर्व स्थित कामचटका प्रायद्वीप में आए 8.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद दी गई है।
भारत में सुनामी पूर्व चेतावनी को लेकर बनाई गई संस्था भारतीय सुनामी पूर्व चेतावनी केंद्र (ITEWC) बुलेटिन जारी करते हुए सपष्ट किया है कि, रूस में आए भूकंप से भारतीय तटों पर सुनामी का कोई खतरा नहीं है। केंदज्रे बयान जारी करते हुए कहा कि, पूर्व-निर्धारित परिदृश्य मॉडल के आधार पर भारत के लिए कोई खतरा नहीं बनता।