बिश्केक पहुंचे राजनाथ सिंह, आतंकवाद पर भारत के 'जीरो टॉलरेंस' से कांपेंगे दुश्मन; जानें पूरा एजेंडा

Rajnath Singh Bishkek Visit: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। वह आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर बात करेंगे।
Rajnath Singh Arrives in Bishkek: India's 'Zero Tolerance' Towards Terrorism Will Make Enemies Tremble; Know the Full Agenda
राजनाथ सिंह, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Rajnath Singh Bishkek Visit For SCO Summit: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। वह यहां आयोजित होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

बिश्केक के मैनस एयरपोर्ट पर भारतीय राजदूत ने रक्षा मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसकी जानकारी भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की है। राजनाथ सिंह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों और भू-राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रही है।

आतंकवाद पर भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति

किर्गिस्तान रवाना होने से पहले रक्षा मंत्री ने स्पष्ट कर दिया था कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सुरक्षा के मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि वह दुनिया में चल रही मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के बीच वैश्विक शांति के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को सामने रखेंगे।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजनाथ सिंह इस बैठक में आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ भारत की सुप्रसिद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को एक बार फिर पुरजोर तरीके से दोहराएंगे। भारत का यह रुख सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों और क्षेत्रीय अस्थिरता के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा का ताना-बाना

शंघाई सहयोग संगठन एक शक्तिशाली क्षेत्रीय समूह है जिसमें भारत के साथ-साथ रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस जैसे महत्वपूर्ण देश शामिल हैं। मंगलवार को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में ये सभी सदस्य देश क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर मंथन करेंगे। रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखना, आतंकवाद का प्रभावी ढंग से मुकाबला करना और सदस्य देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

पश्चिम एशिया का तनाव

इस साल की एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यह वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति के बीच आयोजित की जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि बैठक के दौरान इस बात पर भी गहन चर्चा हो सकती है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्षों के नकारात्मक प्रभाव को कैसे कम किया जाए और क्षेत्रीय स्थिरता को कैसे सुनिश्चित किया जाए।

राजनाथ सिंह एससीओ देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे, जिससे आपसी रक्षा संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, वह बिश्केक में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात कर उन्हें संबोधित करेंगे।

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