क्या खत्म होने वाली है रूस-यूक्रेन जंग? पुतिन-ट्रंप की 90 मिनट की बातचीत से दुनिया में बढ़ी हलचल

Putin Trump Phone Talk: पुतिन और ट्रंप के बीच 90 मिनट की गहन बातचीत ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की नई उम्मीद जगाई है। ट्रंप ने मध्यस्थता की पेशकश कर अपने दूतों को मॉस्को भेजने का फैसला किया है।
Putin-Trump's 90-minute conversation sparks a stir; will the Russia-Ukraine war come to a halt? Uncover the full story behind the 'Moscow Mission'.
पुतिन ट्रंप फोन पर हुई बात, AI डिजाइन फोटो
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Putin Trump Phone Talk On Ukarine War: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन पर बातचीत ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रविवार, 5 जुलाई 2026 को हुई इस 90 मिनट की लंबी चर्चा के दौरान न केवल द्विपक्षीय संबंधों पर बात हुई, बल्कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाने की कोशिश भी की गई।

पुतिन और ट्रंप के बीच क्या हुई बात?

बातचीत की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पुतिन को अमेरिका के 250वें स्थापना दिवस की बधाई दी।, रूस के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव के अनुसार, यह इस साल दोनों नेताओं के बीच हुई चौथी बातचीत थी, जो महज एक औपचारिकता न होकर 'काम पर केंद्रित और बहुत रचनात्मक' रही। इस दौरान ट्रंप ने यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने में सक्रिय रूप से मदद करने की पेशकश की।

हर मोर्चे पर आगे बढ़ रहा है रूस

बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने ट्रंप को युद्धक्षेत्र की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। पुतिन ने कहा कि रूसी सैनिक वर्तमान में संपर्क रेखा पर हर मोर्चे पर आगे बढ़ रहे हैं। रूसी पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि यूरोपीय देशों की युद्ध को लेकर समझ जमीनी हकीकत से काफी अलग है।

जवाब में, ट्रंप ने अगले हफ्ते तुर्की में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन के दौरान मध्यस्थता करने का प्रस्ताव रखा है। इस शांति मिशन को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। ये दोनों प्रतिनिधि समझौता कराने के लिए जल्द ही मॉस्को का दौरा कर सकते हैं।

जेलेंस्की के लिए क्रेमलिन की शर्त

इस बातचीत के बाद क्रेमलिन की ओर से एक महत्वपूर्ण संकेत भी मिला है। पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पुतिन से मिलने के लिए मॉस्को आ सकते हैं।

हालांकि, इसके लिए शर्त यह है कि उन्हें वे महत्वपूर्ण और जिम्मेदार फैसले लेने होंगे जिन्हें रूस शांति के लिए अनिवार्य मानता है। उशाकोव ने कीव और उसके सहयोगियों पर तनाव को और अधिक गंभीर बनाने और नागरिकों के खिलाफ आतंकवाद का सहारा लेने का आरोप भी लगाया।

आर्थिक और सैन्य सहयोग पर जोर

दोनों नेताओं ने केवल युद्ध ही नहीं, बल्कि भविष्य के आर्थिक और सैन्य-राजनीतिक संबंधों पर भी चर्चा की। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन संघर्ष का जल्द समाधान दोनों देशों के बीच आपसी फायदे वाले सहयोग की शुरुआत के लिए एक अनिवार्य शर्त होगी। सैन्य-राजनीतिक मोर्चों पर लगातार संवाद बनाए रखना इस नई कूटनीतिक पहल का मुख्य हिस्सा है।

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