अगले महीने भारत आ रहे पुतिन...जल उठेंगे ट्रंप, तेल से लेकर S-400 तक की डील कंफर्म!

23rd India-Russia Summit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को भारत आएंगे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ S-400 मिसाइल, तेल खरीद, नौसैनिक सहयोग और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा करेंगे।
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चार दिसंबर को भारत दौरे पर आएंगे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Putin India Visit 2025: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार दिसंबर को दो दिन के लिए भारत आएंगे। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनका भारत का पहला दौरा होगा। पुतिन इस मौके पर 23वें भारत-रूस समिट में हिस्सा लेंगे, जो दोनों देशों के बीच सालाना होने वाली बैठक है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आएंगे। इस दौरान दोनों नेता तेल, S-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) जैसे विषयों पर बातचीत कर सकते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पुतिन का यह दौरा पसंद नहीं है। ट्रंप चाहते थे कि भारत किसी भी हालत में रूस से तेल न खरीदे, लेकिन भारत अब भी रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा है। इससे नाराज होकर ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। कुल मिलाकर अमेरिका भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा चुका है।

2021 में भारत आए थे पुतिन

रूस के राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस दौरे में मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनका डिनर होस्ट करेंगी। यह दौरा भारत और रूस के रिश्तों को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का मार्ग तैयार करेगा। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों नेता चर्चा करेंगे। नवंबर में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉस्को में पुतिन से मिलकर इस दौरे पर बात की थी। पुतिन का यह पहला दौरा है रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद, जबकि वह पिछली बार दिसंबर 2021 में भारत आए थे। 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने मॉस्को में उनसे मुलाकात की थी।

S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डील

इस दौरे पर पुतिन-मोदी के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात होगी। भारत रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की और इकाइयां खरीद सकता है। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस सिस्टम ने शानदार प्रदर्शन किया था। अनुमान है कि भारत 5 और यूनिट खरीद सकता है। पहले 3 यूनिट भारत को मिल चुकी हैं, चौथी डिलीवरी रुकी है।

SU-57 स्टेल्थ फाइटर जेट के लेकर समझौता

इसके अलावा भारत रूस से SU-57 स्टेल्थ फाइटर जेट भी खरीद सकता है। यह रूस का एडवांस्ड लड़ाकू जेट है। साथ ही ब्रह्मोस मिसाइल के नए वर्जन और नौसेनाओं के लिए युद्धपोत बनाने पर भी बातचीत हो सकती है। रूस ने SU-57 के फुल प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की भी पेशकश की है। सरकार 84 सुखोई-30MKI विमानों को अपग्रेड करना चाहती है।

रूसी तेल पर भी होगी बात

रूसी तेल की खरीद को लेकर भी स्थिति साफ हो सकती है। अमेरिका ने पाबंदियां लगाई है, लेकिन दोनों नेता इस दौरे के दौरान नया पेमेंट सिस्टम बनाकर व्यापार को बिना रुकावट चलाने पर भी सहमत हो सकते हैं। इसमें रुपया-रूबल ट्रेड, डिजिटल भुगतान या तीसरे देश के बैंक का इस्तेमाल शामिल हो सकता है।

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