ईरान अकेला नहीं है! US-Iran टेंशन के बीच पुतिन का बड़ा एलान, बोले- रूस खड़ा है तेहरान के साथ

Putin Araghchi Meeting: रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से मुलाकात कर ईरान को खुले समर्थन का आश्वासन दिया है। पुतिन ने कहा कि रूस तेहरान के हितों के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
Iran Is Not Alone! Amid US-Iran Tensions, Putin Makes a Major Announcement: "Russia Stands with Tehran."
अराघची ने पुतिन से की मुलाकात, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Putin Araghchi Meeting Russia Iran Strategic: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध की आहट के बीच रूस ने अपना रुख साफ कर दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को मास्को में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि रूस, ईरान का पूरा समर्थन करेगा और हर वह कदम उठाएगा जो तेहरान और इस क्षेत्र के अन्य देशों के हित में होगा।

कूटनीतिक प्रोटोकॉल तोड़ पुतिन ने दिया सम्मान

यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद असाधारण मानी जा रही है। सामान्यतः किसी देश का राष्ट्रपति केवल अपने समकक्ष से मिलता है, विदेश मंत्रियों से नहीं। हालांकि, पुतिन ने अराघची को व्यक्तिगत रूप से मिलने का समय देकर यह संदेश दिया है कि रूस इस समय ईरान के साथ अपने संबंधों को कितनी उच्च प्राथमिकता दे रहा है। यह कूटनीतिक सक्रियता ऐसे समय में दिखी है जब इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता विफल हो चुकी है और ईरान-अमेरिका के बीच संघर्ष तेज है।

सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का खास संदेश

बैठक के दौरान पुतिन ने जानकारी दी कि उन्हें ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की ओर से एक विशेष संदेश प्राप्त हुआ है। पुतिन ने अराघची के माध्यम से खामेनेई के लिए अपनी शुभकामनाएं भेजीं और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। यह उच्च-स्तरीय संदेशों का आदान-प्रदान दर्शाता है कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधा और रणनीतिक संवाद स्थापित है।

रणनीतिक और सैन्य रिश्तों पर मुहर

राष्ट्रपति पुतिन ने भरोसा दिलाया कि मास्को और तेहरान के बीच 'रणनीतिक रिश्ते' पहले की तरह जारी रहेंगे। इन रणनीतिक संबंधों का दायरा केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सैन्य, राजनीतिक और अन्य रक्षा संबंधी महत्वपूर्ण मामले भी शामिल हैं। पुतिन ने उम्मीद जताई कि ईरान की जनता इस चुनौतीपूर्ण समय से सफलतापूर्वक बाहर निकल आएगी और क्षेत्र में जल्द ही शांति की बहाली होगी।

दुनिया के दो हिस्सों में बंटने का संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुलाकात ने वैश्विक राजनीति को स्पष्ट रूप से दो ध्रुवों में बांट दिया है। एक तरफ अमेरिका, यूरोपीय संघ और उनके मध्य-पूर्व के सहयोगी देश हैं तो दूसरी तरफ रूस और ईरान जैसे देश हैं जो अमेरिकी नीतियों के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। रूस जैसे परमाणु शक्ति संपन्न देश का साथ मिलने से न केवल ईरान का मनोबल बढ़ेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय वार्ता की मेज पर उसकी स्थिति भी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com