US NATO Relations: ट्रंप की नाराजगी के बाद पोलैंड के पीएम ने नाटो के प्रति अमेरिकी वफादारी पर उठाए सवाल
US NATO Relations Loyalty: ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ न देने पर ट्रंप नाटो देशों से नाराज हैं। इसके बाद पोलैंड के पीएम ने यूरोपीय सुरक्षा और अमेरिकी वफादारी पर कई बड़े और तीखे सवाल उठाए हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क (सोर्स- सोशल मीडिया)
US NATO Alliance Loyalty: मिडिल ईस्ट में चल रहे भारी तनाव ने अब पूरी दुनिया की भू-राजनीतिक स्थिति को बदल कर रख दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब अमेरिका-नाटो सम्बन्ध (US NATO Relations) के प्रति निष्ठा को लेकर सहयोगी देशों से बहुत ज्यादा नाराज चल रहे हैं। ईरान के खिलाफ युद्ध में यूरोप का साथ न मिलने पर उन्होंने नाटो को एक कागजी शेर तक कह दिया है। इस पूरे विवाद के बीच पोलैंड के प्रधानमंत्री ने भी अमेरिका की असल वफादारी को लेकर कड़े सवाल पूछे हैं।
पोलैंड के तीखे सवाल
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने पूछा है कि क्या रूस के हमले के समय अमेरिका पूरी तरह वफादार रहेगा। उन्होंने यूरोपीय यूनियन से अपनी सुरक्षा के लिए एक बहुत ही वास्तविक और मजबूत गठबंधन बनाने की अपील की है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे यूरोप में रूस के संभावित हमले को लेकर डर बना हुआ है।
पेंटागन का लीक ईमेल
अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन के एक लीक हुए आंतरिक ईमेल ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा बढ़ा दिया है। इस ईमेल में ईरान युद्ध में साथ न देने वाले नाटो सहयोगियों को कड़ी सजा देने के विकल्पों पर चर्चा की गई है। इससे यूरोप के कई बड़े देशों में अमेरिका की भविष्य की रणनीतियों को लेकर बहुत ज्यादा चिंता फैल गई है।
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स्पेन को निलंबित करने की चर्चा
एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि अमेरिका स्पेन को इस सैन्य गठबंधन से पूरी तरह निलंबित कर सकता है। हालांकि स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने ऐसी किसी भी रिपोर्ट और संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। फिर भी इस खबर ने यूरोपीय देशों के बीच भारी अविश्वास और बेचैनी का खतरनाक माहौल जरूर पैदा कर दिया है।
ट्रंप की नाटो से नाराजगी
हाल ही में नाटो प्रमुख मार्क रुटे व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से एक बहुत ही अहम मुलाकात करने पहुंचे थे। इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच माहौल काफी ज्यादा गर्म रहा और ट्रंप ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। ट्रंप का मानना है कि यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा के लिए केवल अमेरिका के भरोसे ही पूरी तरह बैठे रहते हैं।
ईरान युद्ध पर मतभेद
अमेरिका और इजरायल जब ईरान के खिलाफ अपनी कड़े सैन्य अभियान की योजना बना रहे थे तब उन्हें नाटो से उम्मीद थी। लेकिन कई नाटो सदस्य देशों ने ऐन मौके पर अमेरिका का साथ देने से अपने हाथ पूरी तरह पीछे खींच लिए। इसी वजह से डोनाल्ड ट्रंप को यह लगने लगा है कि संकट के समय ये देश अमेरिका की कोई मदद नहीं करते।
रूस के हमले का खतरा
पोलैंड के प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी है कि रूस अगले कुछ महीनों में किसी नाटो सदस्य देश पर भयानक हमला कर सकता है। पिछले साल ही लगभग 20 रूसी ड्रोन अचानक पोलैंड के हवाई क्षेत्र में घुस आए थे जिसने सबको काफी डरा दिया था। इसलिए टस्क चाहते हैं कि नाटो की कागजी गारंटी अब जमीन पर पूरी तरह से व्यावहारिक और बहुत मजबूत होनी चाहिए।
यूरोप की अपनी सुरक्षा
डोनाल्ड टस्क ने फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत करते हुए अपनी सभी चिंताओं को दुनिया के सामने बहुत ही स्पष्ट रूप से रखा है। उन्होंने कहा कि क्या नाटो अभी भी राजनीतिक और लॉजिस्टिक रूप से किसी बड़े हमले के लिए तैयार है या नहीं। उनका मानना है कि कुछ नाटो देश ऐसा दिखावा कर रहे हैं जैसे यूरोप में कुछ भी बुरा नहीं हुआ है।
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अनुच्छेद 5 पर चर्चा
नाटो के अनुच्छेद 5 के तहत किसी एक देश पर हमला पूरे गठबंधन पर हमला माना जाता है जो इसकी सबसे बड़ी ताकत है। टस्क ने कहा है कि उनके शब्दों को इस महत्वपूर्ण अनुच्छेद 5 के प्रति किसी भी संदेह के रूप में बिल्कुल नहीं लिया जाना चाहिए। बल्कि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कागज पर दी गई यह गारंटी संकट के समय असल में काम भी आए।
