लाहौर तक पहुंची PoK Protest की आग, पाक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को किया गिरफ्तार

PoK Protest: लाहौर में PoK हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। PoK में अब तक 30 से ज्यादा मौतें हुई हैं।
PoK Protest: Lahore Police Detain Protesters Showing Solidarity With PoK Violence Victims 
लाहौर में प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन (सोर्स- AI जनरेटेड)
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PoK Protest Lahore Police Detain Protesters: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में भड़की हिंसा और बवाल की आग अब पाकिस्तान के लाहौर शहर तक भी बहुत तेजी से पहुंच गई है। लाहौर प्रेस क्लब के बाहर भारी संख्या में लोग PoK में हुई इस भयंकर हिंसा के खिलाफ अपनी एकजुटता जताने के लिए इकट्ठा हुए थे। इन सभी प्रदर्शनकारियों के हाथों में बड़े-बड़े प्लेकार्ड और पीओके के झंडे मौजूद थे और वे सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब पुलिस ने अचानक भीड़ को वहां से हटाने की कोशिश शुरू कर दी।

इस विरोध रैली के शुरू होते ही पाकिस्तानी पुलिस ने भीड़ को तुरंत तितर-बितर करने के लिए अपनी सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के बड़े अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें अपनी गाड़ियों में जबरन बिठा लिया। पुलिस की इस भारी सख्ती के बाद यह पूरा विरोध प्रदर्शन बहुत ही जल्दी खत्म करा दिया गया और इलाके को पूरी तरह खाली करा लिया गया। पाकिस्तान सरकार PoK के लोगों के समर्थन में उठने वाली हर एक आवाज को अब ताकत के दम पर पूरी तरह से कुचलने की कोशिश कर रही है।

पीओके में 30 से ज्यादा मौतें

यह बड़ा विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से PoK में क्षेत्रीय चुनावों के दौरान हुई भयंकर हिंसक झड़पों के बाद सामने आया है। स्थानीय नेताओं का दावा है कि दूसरे दौर की वोटिंग से पहले सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में 30 से ज्यादा लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। PoK के नागरिक अपने हक की लगातार मांग कर रहे हैं लेकिन पाकिस्तान सरकार उनकी आवाज को बंदूकों से दबाना चाहती है।

रावलाकोट और कोटली में भड़की हिंसा

बीती 27 जुलाई को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलाकोट और कोटली इलाकों में सबसे ज्यादा भयंकर और जानलेवा हिंसा भड़की थी। कोटली में विरोधी राजनीतिक गुटों के बीच हुई एक बड़ी झड़प में एक राजनीतिक कार्यकर्ता की बहुत ही दुखद मौत हो गई थी। इसके बाद से पूरे इलाके में स्थिति बहुत ज्यादा तनावपूर्ण हो गई है और लोगों का गुस्सा पाकिस्तान सरकार के खिलाफ काफी भड़क गया है।

सुरक्षा बलों पर फायरिंग का आरोप

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का सीधा दावा है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की अंधाधुंध फायरिंग में कई निर्दोष लोग मारे गए हैं। वहीं पाकिस्तानी पुलिस ने अपने बचाव में दावा किया है कि इस भारी हिंसक झड़प में उनके भी 2 जवान बहुत बुरी तरह से घायल हुए थे। रावलाकोट में आम लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे थे जिन पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बहुत ही बर्बरता से सीधी गोलियां चला दी थीं।

जून से चल रहा है भारी विरोध

पीओके में इस भारी हिंसा और बवाल के बाद से प्रशासन ने कई प्रमुख हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह सस्पेंड कर दिया है। आपको बता दें कि इस विवादित इलाके में जून महीने की शुरुआत से ही बहुत बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन लगातार देखने को मिल रहे हैं। यहां धरने और प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जबकि सार्वजनिक परिवहन, दुकानों और अन्य सभी व्यवसायों को पूरी तरह से बंद रखा गया है।

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