PM Modi G7: फ्रांस में G7 समिट के दौरान पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने उठाया भारतीय नाविकों का मुद्दा

PM Modi G7: फ्रांस के G-7 समिट में पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने होर्मुज में जान गंवाने वाले भारतीय नाविकों और समुद्री व्यापार की सुरक्षा का बहुत ही अहम मुद्दा पूरी प्रमुखता के साथ उठाया है।
PM Modi G7: PM Modi Raises Indian Sailors Security Issue at G7 Summit With Donald Trump At G7 Summit In France
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
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PM Modi G7 Summit News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन में अपनी बहुत ही महत्वपूर्ण भागीदारी दर्ज कराई है। इस बड़े वैश्विक मंच पर पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने और देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने पर अपना विशेष जोर दिया है।

इस दौरान आउटरीच सेशन में पीएम मोदी पूरे 16 महीने बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक ही मंच पर बैठे नजर आए। दोनों ही दिग्गज विश्व नेताओं की यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बहुत ही अहम है। इस खास सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिमी एशिया में चल रहे भारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के गंभीर हालात पर गहरी चिंता जताई।

उन्होंने बहुत ही सख्त लहजे में कहा कि समुद्री व्यापार मार्ग में आई भारी बाधा के कारण कई बेगुनाह भारतीय नाविकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सभी बेगुनाह नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विश्व के सभी देशों का एक बड़ा और संयुक्त दायित्व है जिसे ईमानदारी से निभाना होगा। दुनिया के सभी देशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग पूरी तरह सुरक्षित रहें और निर्बाध व्यापार बिना भय के चलता रहे।

आपसी विश्वास की कमी

पीएम मोदी ने वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि आज की दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं बल्कि आपसी विश्वास की कमी से जूझ रही है। कोविड महामारी ने पूरी दुनिया को यह अच्छी तरह दिखा दिया कि आपसी विश्वास और एकजुटता के हमारे पहले के दावे कितने ज्यादा खोखले साबित हुए थे। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन का इस्तेमाल कभी भी हथियारों के रूप में नहीं बल्कि पूरी मानवता की भलाई के लिए ग्लोबल गुड के तौर पर होना चाहिए।

भारत का मानवीय दृष्टिकोण

भारत ने विश्व को हमेशा एक परिवार के रूप में देखा है और वैश्विक संकट के कठिन समय में पूरी दुनिया की बढ़-चढ़कर निस्वार्थ मदद की है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने 150 से अधिक देशों को आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां और वैक्सीन बहुत ही सुरक्षित तरीके से उपलब्ध कराई थीं। श्रीलंका में भयानक तूफान हो, मोजाम्बिक में बाढ़ हो या फिर अफगानिस्तान में आया विनाशकारी भूकंप, भारत ने हमेशा मानवता को सबसे पहले रखते हुए हर संभव मदद पहुंचाई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के अनुभव से यह साबित होता है कि विकास तभी प्रभावी होता है जब वह लोगों की उम्मीदों से सीधा जुड़ा हो। इसी सोच के साथ भारत ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस और मिशन लाइफ जैसी कई बड़ी और महत्वपूर्ण वैश्विक पहलों को मजबूती से आगे बढ़ाया है। रोनाल्ड रेगन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 'ट्रस्ट बट वेरिफाई' का सिद्धांत आज भी उतना ही प्रासंगिक है और हमें नए युग का विश्वास जगाना होगा।

द्विपक्षीय वार्ता की उम्मीद

प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस महत्वपूर्ण समिट के दौरान बुधवार को एक बड़ी और अहम द्विपक्षीय वार्ता होने की पूरी उम्मीद है। ऐसा माना जा रहा है कि इस खास बैठक में दोनों देशों के बीच बड़े ट्रेड डील और मजबूत व्यापारिक संबंधों पर भी विस्तार से सकारात्मक चर्चा होगी। यह 13वीं बार है जब भारत इस बड़े समूह की बैठक में एक पार्टनर देश के रूप में अपनी अहम हिस्सेदारी निभा रहा है और पीएम मोदी सातवीं बार इसमें शामिल हुए हैं।

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