

Paris Knife Attack On Women: फ्रांस की राजधानी पेरिस एक बार फिर चाकूबाजी की घटना से दहल उठी है। सोमवार को शहर के पोर्टे डी क्लिची इलाके में एक सिरफिरे ने तीन महिलाओं पर बीच सड़क पर हमला कर दिया। आरोपी ने महिलाओं को निशाना बनाने के लिए रसोई में इस्तेमाल होने वाले दो बड़े चाकुओं का इस्तेमाल किया।
इस हमले में दो महिलाओं की स्थिति बहुत ही नाजुक बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि पकड़े जाने के बाद हमलावर ने पुलिस के सामने दावा किया कि उसे यह हमला करने का आदेश अल्लाह से मिला था।
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नूनेज ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावर ने 19, 24 और 36 साल की तीन महिलाओं को अपना शिकार बनाया। हमला इतना अचानक और भीषण था कि पीड़ितों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावर ने महिलाओं की पीठ पर वार किए। इस हमले के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
सोशल मीडिया पर इस घटना का एक भयावह वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो बनाने वाले 26 वर्षीय मोहम्मद-अली बूहदजार ने बताया कि जब उन्होंने हमलावर को एक युवती की पीठ में चाकू मारते देखा, तो उन्होंने शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया।
राहगीरों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए हमलावर पर एक सूटकेस फेंक दिया, जिससे उसके हाथ से चाकू गिर गए। इसके बाद लोगों ने उसे जमीन पर दबोच लिया।
जब राहगीरों ने हमलावर को काबू में कर रखा था, तभी वहां से गुजर रहे एक ऑफ-ड्यूटी पुलिस अधिकारी ने तुरंत मोर्चा संभाला और आरोपी को हिरासत में ले लिया। गृह मंत्री नूनेज ने उस अधिकारी की बहादुरी की जमकर सराहना की है। आरोपी की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन गिरफ्तारी के वक्त वह क्रीम रंग का ट्रैकसूट पहने हुए था और उसके बाल लंबे व काले थे।
फ्रांस के राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी अभियोजक कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी के बयान पूरी तरह से 'असंगत' और 'बेतुके' थे। हालांकि, उसके द्वारा दिए गए धार्मिक बयानों को देखते हुए एजेंसियां इस मामले में आतंकवाद से जुड़े पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं। फिलहाल हमले के पीछे का सटीक मकसद स्पष्ट नहीं हो पाया है।