अमेरिका-ईरान जंग: '14 दिन बढ़ा दो सीजफायर', पाकिस्तान की आखिरी गुहार; क्या ट्रंप और तेहरान मानेंगे बात?

Pakistan Urges US Iran Ceasefire Extension: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने की समयसीमा नजदीक आने के साथ ही पाकिस्तान ने दोनों देशों से इसे 14 दिन और बढ़ाने का अनुरोध किया है।
Pakistani PM Shehbaz Sharif on Iran US War
डोनाल्ड ट्रंप, शहबाज शरीफ और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Pakistan Urges US Iran Ceasefire Extension 14 Day: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम की अवधि समाप्त होने में अब कुछ ही घंटे शेष हैं जिससे क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध छिड़ने की आशंका बढ़ गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने दोनों मुल्कों से गुहार लगाई है कि सीजफायर को अतिरिक्त 14 दिनों के लिए और बढ़ा दिया जाना चाहिए।

कूटनीति को एक और मौका देने की अपील

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बुधवार को समाप्त हो रहे सीजफायर से ठीक पहले यह अनुरोध करते हुए कहा कि डिप्लोमेसी और बातचीत को एक और मौका दिया जाना चाहिए ताकि किसी ठोस समाधान तक पहुंचा जा सके। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी पुष्टि की है कि इस्लामाबाद इस बातचीत में ईरान को शामिल करने के लिए कड़े प्रयास कर रहा है और फिलहाल तेहरान की ओर से पुष्टि का इंतजार है।

इस्लामाबाद वार्ता पर 'सस्पेंस' बरकरार

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाले दूसरे दौर की बातचीत पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। जहां एक तरफ खबरें हैं कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच सकता है, वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि उसका कोई भी आधिकारिक या अनौपचारिक डेलिगेशन फिलहाल इस्लामाबाद नहीं गया है। ईरान का स्पष्ट रुख है कि वह धमकी के माहौल में बातचीत नहीं करेगा और बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब अमेरिका अपना रवैया बदलेगा।

ट्रंप की समयसीमा और युद्ध की आहट

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख बेहद कड़ा नजर आ रहा है। ट्रंप ने ब्लूमबर्ग से बातचीत में स्पष्ट किया है कि सीजफायर बुधवार रात 8 बजे (अमेरिकी समय) तक ही लागू रहेगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिए हैं कि वह सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। इस स्थिति में अमेरिका और ईरान के पास गुरुवार सुबह तक का ही समय है कि वे किसी नतीजे पर पहुँचें, अन्यथा युद्ध की विभीषिका फिर से शुरू हो सकती है।

पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशें

पाकिस्तान वर्तमान में ईरान के साथ निरंतर संपर्क में है और उसे उम्मीद है कि कूटनीति का मार्ग प्रशस्त होगा। हालांकि, ईरान की ओर से बातचीत पर फिलहाल 'ब्रेक' लगा हुआ है, जिससे पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पाकिस्तान की '14 दिनों के विस्तार' वाली अपील को वॉशिंगटन और तेहरान स्वीकार करते हैं या नहीं।

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