अगर हिंसा हुई तो…ईरान-इजरायल जंग के बीच शिया मौलवियों से मिले आसिम मुनीर, खामेनेई की मौत पर दी चेतावनी
Pakistan News: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में विरोध और हिंसा पर असीम मुनीर ने नाराजगी जताई और देश में शांति व एकता बनाए रखने पर जोर दिया।
- Written By: अक्षय साहू
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Asim Munir Meet Pakistan Shia Leaders: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत के बाद पाकिस्तान में हुए विरोध प्रदर्शनों और हिंसा पर सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कड़ी नाराजगी जताई है। पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रावलपिंडी में शिया समुदाय के धार्मिक नेताओं (उलेमा) के साथ बैठक की।
जानकारी के अनुसार, मुनीर ने इस बैठक में शिया उलेमाओं से स्पष्ट किया कि किसी दूसरे देश में हुई घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा या अशांति फैलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। हालांकि वो अपने बयान में सीधे तौर पर खामेनेई का नाम लेने से बचते नजर आए।
पाकिस्तान सेना ने जारी किय बयान
पाकिस्तान सेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आसिम मुनीर ने देश में एकता और राष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करने में उलेमा की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि गलत सूचनाओं, सांप्रदायिक नफरत और बाहरी ताकतों द्वारा फैलाए जा रहे अस्थिरता के प्रयासों का मुकाबला करने में धार्मिक नेताओं की जिम्मेदारी अहम है।
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इस बीच, आसिम मुनीर ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान सेना की कार्रवाइयों को भी उचित ठहराया। उन्होंने ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं के खिलाफ आतंकवाद के लिए अफगान क्षेत्र के इस्तेमाल को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और इसका सख्त जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान में हुए थे हिंसक प्रदर्शन
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जब अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के हमले में मौत की खबरें सामने आईं। इसके बाद कराची, इस्लामाबाद और स्कार्दू जैसे शहरों में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को भी निशाना बनाया। इन घटनाओं में लगभग 20 लोगों की मौत की खबर है।
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प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और पुलिस ने भी सख्ती दिखाई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पाकिस्तान सरकार ने हालांकि खामेनेई की कथित मौत पर शोक व्यक्त किया और इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की। लेकिन देश में हुई हिंसा को लेकर अब सेना और सरकार दोनों ही सख्त रुख अपनाने के संकेत दे रहे हैं।
