

Pakistan Police Van Rocket Attack KP News In Hindi: पाकिस्तान के अशांत प्रांतों में सुरक्षा बलों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू शहर में एक बड़ी आतंकी घटना हुई है जहां सशस्त्र हमलावरों ने पुलिस के एक वाहन को रॉकेट से निशाना बनाया। इस भीषण हमले में एक पुलिस कांस्टेबल की जान चली गई है जबकि दो अन्य जवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
यह घटना बन्नू के कंगर जान बहादुर इलाके में उस समय हुई जब पुलिसकर्मी फतेह खेल चेकपॉइंट से अपनी ड्यूटी पूरी कर वापस लौट रहे थे। बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) यासिर अफरीदी के अनुसार, हमलावरों ने पुलिस की गाड़ी पर सीधे रॉकेट दागे जिसके बाद चारों ओर धमाकों और गोलीबारी की आवाजें गूंजने लगीं। इस हमले में कांस्टेबल (ड्राइवर) रजा अली शाह की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में घायल हुए दो अन्य पुलिसकर्मियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज जारी है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मिरयान रोड पर यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया है।
हमले की सूचना मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। हमलावर रॉकेट दागने के बाद मौके से फरार होने में सफल रहे। जिनकी तलाश में सुरक्षा बलों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। डीपीओ यासिर अफरीदी ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
यह हमला पाकिस्तान के सीमावर्ती प्रांतों, विशेष रूप से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों की एक कड़ी है। इसी सप्ताह की शुरुआत में बलूचिस्तान के पिशिन जिले के हुरमजई इलाके में भी एक चेकपोस्ट को निशाना बनाया गया जिसमें एक पुलिस हेड कांस्टेबल की मौत हो गई थी।
पाकिस्तान में सुरक्षाकर्मियों पर हमलों के आंकड़े की अगर हम बात करें तो ये बहुत ही डराने वाले हैं। अभी हाल ही में 19 अप्रैल को खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम गढ़ी में बाजार में खरीदारी कर रहे दो फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
उसके पहले 18 मार्च को ऊपरी दीर के मनो बंडा इलाके में एलीट फोर्स के एक ASI को उनके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया था। लगातार हो रहे इन हमलों ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय मीडिया और आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की इन घटनाओं में हाल के दिनों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।