शहबाज सरकार के इस फैसले से मचा बवाल, PAK में पेट्रोल पंप मालिकों ने किया हड़ताल का ऐलान; जनता की बढ़ी मुश्किलें

Pakistan Petrol Price: पाकिस्तान सरकार ने अब हर हफ्ते के बजाय रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय करने का बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के विरोध में पेट्रोल पंप मालिकों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है।
Uproar over this decision by the Shahbaz government! Petrol pump owners in Pakistan announce a strike; public woes mount.
सांकेतिक एआई फोटो
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Pakistan Petrol Pump Owners Strike: आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे पाकिस्तान में अब आम जनता के लिए पेट्रोल और डीजल की एक-एक बूंद मिलना मुश्किल हो सकता है। पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को लेकर एक ऐसा फैसला किया है, जिसने देश भर के पेट्रोल पंप मालिकों को नाराज कर दिया है।

तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) ने घोषणा  की है कि अब पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर सात दिन के बजाय रोजाना आधार पर तय की जाएंगी। सरकार के इस कदम के खिलाफ पेट्रोल पंप मालिकों ने मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरने पर जाने का ऐलान कर दिया है।

OGRA का नया फरमान

पेट्रोलियम मामलों के संघीय मंत्री अली परवेज मलिक ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब OGRA हर दिन तेल की कीमतें निर्धारित करेगा। इन नई कीमतों को रोजाना प्राधिकरण की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा। आंकड़ों के मुताबिक, 22 जुलाई को पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 320.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 367.21 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।

ईरान-अमेरिका तनाव का पड़ा सीधा असर

पाकिस्तान सरकार ने इस नीतिगत बदलाव के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्थितियों को जिम्मेदार ठहराया है। संघीय मंत्री अली परवेज मलिक के अनुसार, पिछले कुछ समय से ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसी अनिश्चितता को देखते हुए सरकार ने दैनिक आधार पर कीमतें जारी करने का फैसला लिया है, ताकि बाजार में उतार-चढ़ाव का सही आकलन हो सके।

जनता पर पड़ेगा तत्काल प्रभाव

सरकार का बताया कि इस फैसले से पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता आएगी। सूचना मंत्री अट्टा तारार के अनुसार, पहले वैश्विक बाजार में कीमतों में होने वाली गिरावट का फायदा जनता तक पहुंचने में एक हफ्ते का समय लगता था। अब यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम होती हैं, तो उसका लाभ तुरंत उपभोक्ताओं को मिल सकेगा। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा है कि इस व्यवस्था को लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि कीमतों में वृद्धि का प्रभाव भी जनता पर तत्काल पड़ेगा।

हड़ताल से हाहाकार की आशंका

दूसरी तरफ, पेट्रोल पंप मालिक इस फैसले को अव्यावहारिक मान रहे हैं और उन्होंने इसके विरोध में कामकाज ठप करने की चेतावनी दी है। यदि यह हड़ताल लंबी खिंचती है, तो पाकिस्तान में परिवहन और आवश्यक सेवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है।

इस बीच, सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि किसी भी पेट्रोल पंप कंपनी को ईंधन की जमाखोरी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच यह गतिरोध कब तक समाप्त होता है।

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