पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग, ईरान-अमेरिका संकट के बीच ₹400 के करीब पहुंचे दाम

Pakistan Petrol Diesel Price: पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण ईंधन की कीमतें अब ₹400 प्रति लीटर के तक पहुंच गई हैं।
Petrol and Diesel Prices Skyrocket in Pakistan: Rates Near ₹400 Amid Iran-US Crisis
कॉन्सेप्ट फोटो, सो. एआई मॉडिफाई
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Pakistan Petrol Diesel Price Hike: पाकिस्तान की जनता पर महंगाई का एक और बोझ पड़ गया है। शहबाज सरकार ने गुरूवार, 30 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को एक बार फिर बढ़ाने की घोषणा की है। पेट्रोलियम डिवीजन द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह बढ़ोत्तरी बजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और मीडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर उठाया गया है।

400 के करीब पहुंचे दाम

नई किमतों को लेकर सरकार द्वारा दी गई अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल की कीमतों में 6.51 रूपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 19.39 रूपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई है। इसके बढ़ने के बाद, पाकिस्तान में पेट्रोल की नई कीमत 399.86 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 399.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह नई दरें 1 मई से लागू होंगी। बता दें कि पिछले शुक्रवार को भी सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 26.77 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

पाकिस्तान अपनी ईंधन जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली किसी भी हलचल का सीधा असर यहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। तेल की इन बढ़ी हुई कीमतों के कारण देश में Inflation परिवहन लागत और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर दबाव बढ़ गया है। बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आम जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने मोटरसाइकिल सवारों और परिवहन ऑपरेटरों के लिए पहले से घोषित सब्सिडी को एक महीने के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी है।

इस योजना के तहत:

मोटरसाइकिल सवार: 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी (अधिकतम 20 लीटर प्रति माह)। माल ढुलाई वाले ट्रक: 70,000 रुपये प्रति माह की सब्सिडी। बड़े परिवहन वाहन: 80,000 रुपये प्रति माह की सब्सिडी। सार्वजनिक बसें: 1,00,000 रुपये प्रति माह की सब्सिडी।

दुनिया के सामने बड़ा ऊर्जा संकट

28 फरवरी को शुरू हुई इस लड़ाई को दो महीने बीत चुके हैं लेकिन हालात अब भी काबू से बाहर हैं। इस साल की शुरुआत के मुकाबले ब्रेंट क्रूड के दाम दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गए हैं। अगर होर्मुज के रास्ते को तुरंत नहीं खोला गया तो दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा, जिससे बेरोजगारी और महंगाई तेजी से बढ़ेगी।

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