चिनाब डैम को उड़ा देंगे, सिंधु जल संधि पर पाक पत्रकार ने भारत को दी धमकी, कहा- पानी रोकना बड़े हमले जैसा

India-Pakistan Conflict: पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने सिंधु संधि निलंबित रहने पर भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव की आशंका जताई और चिनाब नदी परियोजनाओं पर हमले तथा परमाणु हथियारों की चेतावनी दी।
Najam Sethi on Indus Waters Treaty
पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Najam Sethi on Indus Waters Treaty: पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी का कहना है कि अगर सिंधु संधि निलंबित रही तो भारत-पाक में सैन्य टकराव की स्थिति बन सकती है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व प्रमुख सेठी ने दावा किया है कि असीम मुनीर इस मामले में बेहद आक्रामक रवैया अपनाएंगे। खासतौर से चिनाब नदी पर भारत के डैम और सुरंग प्रोजेक्ट पर हमले की गीदड़भभकी सेठी की ओर से दी गई है। 

नजम सेठी यह बयान ऐसे समय सोशल मीडिया पर सामने आया है, जब हेग स्थित कोर्ट के फैसले के चलते सिंधु संधि चर्चा में है। आयशा नाज के साथ एक टीवी कार्यक्रम में नजम सेठी ने कहा पाकिस्तान मिसाइल मारकर ये डैम खत्म कर सकता है और असीम मुनीर के होते ये संभव है। 

परमाणु हथियार चलाएगा पाकिस्तान 

नजम सेठी ने कहा कि भारत का हमला हुआ और पाकिस्तान के अस्तित्व पर संकट आया तो पाक आर्मी परमाणु हथियार के इस्तेमाल से परहेज नहीं करेगी। सेठी ने सिंधु नदी प्रणाली भी पाकिस्तान के लिए ऐसी ही है, जैसा उस पर कोई बड़ा सैन्य हमला। अगर भारत समझौता तोड़ते हुए पानी रोकता है तो पाकिस्तान की ओर से परमाणु हथियार भी चल सकता है।

नजम सेठी कई मौकों पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाक आर्मी की नाकामी पर भी सवाल उठा चुके हैं। वहीं सिंधु संधि पर वह आक्रामक रुख दिखा रहे हैं। नजम सेठी को सत्ताधारी पीएमएलएन और शहबाज शरीफ के बड़े भाई नवाज शरीफ के करीबियों में गिना जाता है। वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष बल्कि साल 2013 में पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहे हैं।

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ईरानियों को भारत से प्यार क्यों?

पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी कारोबारी साजिद तरार ने नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन पर गुस्सा निकाला है। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी समझे जाने वाले तरार का कहना है कि भारत लगातार इजराइल की तरफ झुका है और पाकिस्तान ने ईरान की हर मुमकिन मदद की है।

इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति का भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक करना समझ से परे हैं। ये समझ नहीं आता कि ईरानियों को भारत से क्यों लगाव है। पीएम मोदी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के जनाजे में जाने तक से इनकार कर दिया। इसके बावजूद इनको भारत से पता नहीं क्या मिल रहा है। 

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