

Pakistan Rice Export to Bangladesh: पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। महंगाई अपने चरम पर है, टमाटर और आटे की कीमतों ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। देश लगभग कंगाली की स्थिति में पहुँच चुका है। इसके बावजूद पाकिस्तान ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए बांग्लादेश को एक लाख टन चावल निर्यात करने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब स्वयं पाकिस्तान में खाने-पीने की चीजों की भारी कमी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला दोनों देशों के बीच बेहतर व्यापारिक संबंधों का संकेत है। बताया गया है कि पिछले सप्ताह ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ़ पाकिस्तान (TCP) ने इसके लिए निविदा जारी की थी। यह पाकिस्तान से बांग्लादेश को भेजी जाने वाली अब तक की सबसे बड़ी चावल खेप होगी।
इस साल फरवरी में दोनों देशों के बीच सरकारी स्तर पर व्यापार शुरू होने के बाद 50,000 टन चावल की पहली खेप भेजी गई थी। पंजाब प्रांत के प्रमुख चावल व्यापारी और मिल संचालक वकार अहमद ने बताया कि सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण निर्यातकों को कई अड़चनों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में चावल निर्यात 28 प्रतिशत घटा है, जिसका एक बड़ा कारण भारत का फिर से निर्यात शुरू करना और सरकार की ओर से बासमती के न्यूनतम निर्यात मूल्य को हटाना है। इसके अलावा, शून्य निर्यात दर लागू होने से प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है।
वकार के अनुसार, इसके बावजूद पाकिस्तानी निर्यातक भारत के साथ मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और अमेरिकी बाजार में उनके लिए नए अवसर खुल रहे हैं, क्योंकि अमेरिका ने भारत से आने वाले बासमती चावल पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है।
पाकिस्तान में आर्थिक तंगी के बीच सरकार के इस कदम को लेकर जनता में भारी नाराजगी है। लोग कह रहे हैं कि जब देश खुद गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है, तब पहले अपनी जनता की भलाई पर ध्यान देना चाहिए। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद बनी अंतरिम सरकार के साथ पाकिस्तान लगातार संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा है, और यह समझौता उसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।