

Balochistan Attack On 14 Pakistan Army Soldiers: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में विद्रोही गुटों ने पाकिस्तानी सेना पर कहर बरपा दिया है। बलूच हथियारबंद संगठनों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए कई अलग-अलग और बहुत बड़े हमले किए हैं। इन खतरनाक हमलों में पाकिस्तानी सेना के कुल 14 सैन्यकर्मी मारे गए हैं।
गुरुवार को आई स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन हमलों से पाकिस्तानी सेना को बहुत भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। बलूच लिबरेशन फ्रंट और बलूच लिबरेशन आर्मी ने मुख्य रूप से इन बड़े हमलों की पूरी जिम्मेदारी ली है। उन्होंने सेना के काफिले पर पूरी सटीक जानकारी के आधार पर यह घातक हमला किया है।
खनिज संपदा से भरपूर बलूचिस्तान के चामलांग इलाके में हुए हमले की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है। इस घातक हमले में पाकिस्तानी सेना के आठ जवान मौके पर ही मारे गए हैं। मरने वालों में पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी तौसीफ भट्टी भी मुख्य रूप से शामिल थे। बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि उनकी खुफिया इकाई जीराब से उन्हें एकदम सटीक जानकारी मिली थी। इसी के आधार पर उन्होंने पाकिस्तानी सेना के बड़े काफिले पर एक समन्वित और बहुत ही घातक हमला किया। पहले वाहन को रिमोट कंट्रोल विस्फोटक से उड़ाया और दूसरे पर भारी गोलीबारी की।
चागई जिले के सैंदक इलाके से खनिज लेकर जा रहे 20 ट्रेलरों के काफिले पर भी बहुत बड़ा हमला किया गया है। नोशकी इलाके के पास हथियारबंद लोगों ने सुरक्षा दे रहे काफिले पर अचानक रॉकेट दाग दिए। हमलावरों और बलों के बीच भारी गोलीबारी हुई जिसमें छह पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई घायल हुए। चागई जिले के दलबंदीन इलाके के पास विद्रोहियों ने अपनी खुद की एक अस्थायी चेकपोस्ट भी बनाई थी। इस दौरान सियाह दिक कॉपर प्रोजेक्ट से जुड़े तीन लोगों को उन्होंने तुरंत हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही सैंदक प्रोजेक्ट की एक गाड़ी भी अपने पूरे कब्जे में ले ली।
इससे पहले भी बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने सुरक्षा बलों पर कई बड़े हमलों की जिम्मेदारी ली थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन पिछले हमलों में पाकिस्तानी सेना के सात सैनिक मारे गए थे। हाल के दिनों में बलूचिस्तान में बलूच संगठनों द्वारा पाकिस्तानी सेना पर ये जानलेवा हमले लगातार काफी बढ़े हैं। इसके अलावा बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने भी बलूचिस्तान के नसीराबाद जिले में एक और बड़ा हमला किया था। इस विद्रोही गुट ने वहां बिजली ढांचे को अपना निशाना बनाया और उसकी जिम्मेदारी भी ली। इन सभी भारी घटनाओं में पाकिस्तान को बहुत ज्यादा नुकसान और मौतों का सामना करना पड़ रहा है।