भारत के खिलाफ मुनीर की एक और साजिश! बुना हसीनाओं का जाल, अरबों खर्च रहा भिखारिस्तान

Pakistan: पाकिस्तान की ISI की कराची स्थित यूनिट 412 भारत के खिलाफ सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने और जासूसी करने में सक्रिय है, जिसमें सभी महिलाएं काम करती हैं। राजस्थान में अब तक चार गिरफ्तारियां हुई हैं।
भारत के खिलाफ मुनीर की एक और साजिश! बुना हसीनाओं का जाल, अरबों खर्च रहा भिखारिस्तान
सांकेतिक तस्वीर
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ISI Unit 412: पाकिस्तान भारत को अस्थिर करने के लिए सोशल मीडिया का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने इस काम की जिम्मेदारी कराची स्थित यूनिट 412 को दी है। यह यूनिट भारत की सीक्रेट जानकारी जुटाने और सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ झूठ फैलाने में लगी हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिट 412 के लोग भारत के कई राज्यों जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और उत्तर प्रदेश में अपने संपर्क बना चुके हैं। हाल के महीनों में जासूसी के मामलों में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ गई है। इससे साफ है कि ISI भारत में जासूसी की कोशिशें बढ़ा रही है। इस यूनिट की सबसे खास बात ये है कि इसमें काम करने वाली सभी कर्मचारियां महिलाएं है। राजस्थान पुलिस ने इस मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां की है।

क्या है यूनिट 412?

यूनिट 412 सिर्फ जासूसी ही नहीं करती, बल्कि हनी ट्रैप यानी प्यार के जाल में फंसाकर लोगों से गुप्त जानकारी निकलवाने का काम भी करती है। इस यूनिट ने सोशल मीडिया पर हजारों फर्जी अकाउंट्स बनाए हैं, जिनसे भारतीय सेना और सरकार के खिलाफ झूठी बातें फैलाई जाती हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के समय भी सोशल मीडिया पर ऐसे कई फर्जी पोस्ट डाले गए थे, जिनमें कहा गया था कि भारतीय सेना को भारी नुकसान हुआ है जबकि यह सच नहीं था। यह सब भारतीय सेना की छवि खराब करने और पाकिस्तानी सेना की हार छुपाने के लिए किया गया। इस यूनिट में काम करने वाली कई महिलाएं हिंदू नामों का इस्तेमाल करती हैं और आकर्षक प्रोफाइल बनाकर भारतीय अधिकारियों से दोस्ती करती हैं। फिर उन्हें हनी ट्रैप में फंसा कर उनसे जरूरी जानकारी निकालती हैं।

निशाने पर सरकारी कर्मचारी

अधिकारियों का कहना है कि ISI अब सिर्फ आम लोगों को ही नहीं, बल्कि सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले लोगों को भी निशाना बना रही है। यह देश की सुरक्षा के लिए बहुत गंभीर खतरा है, खासकर जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव पहले से ही बहुत ज्यादा है। अब जरूरत है कि देश में ऐसे जासूसी नेटवर्क को खत्म किया जाए और लोगों को सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की समझदारी दी जाए।

एजेंसी इनपुट के साथ-

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