

Pahalgam Terror Attack Anniversary Operation US Japan Solidarity: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की आज पहली बरसी है। इस मौके पर वैश्विक स्तर पर भारत के प्रति एकजुटता देखी गई। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और जापान के राजदूत ओनो केइची ने इस क्रूर हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में अपना पूर्ण समर्थन दोहराया है। इस हमले में आतंकियों ने धर्म पूछकर पर्यटकों पर गोलियां चलाई थी। जिसके बाद पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ गई थी।
22 अप्रैल 2025 को हुए इस भीषण हमले को हाल के वर्षों के सबसे बर्बर हमलों में से एक माना जाता है। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के अंग 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) के आतंकियों ने पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की जान ले ली थी। आतंकियों ने पीड़ितों से उनकी पहचान और धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया था। मरने वालों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी राइड ऑपरेटर शामिल था, जिसने दूसरों को बचाने के प्रयास में अपनी जान दे दी थी।
इस हमले की पहली बरसी पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हम उन मासूम लोगों को याद करते हैं और उनके परिवारों के साथ दुख साझा करते हैं। अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है। वहीं, जापानी राजदूत ओनो केइची ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि जापान हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ है और शांति व सुरक्षा के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि इस हमले के ठीक बाद भारतीय सेना ने अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति का परिचय देते हुए 6 और 7 मई (2025) को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस सटीक सैन्य कार्रवाई के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ढांचों पर हमला कर उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया और आतंकियों का लगभग पूरा नेटवर्क तबाह कर दिया।
इस कार्रवाई के बाद आगबबूला हुआ पाक भी भारत पर हमला करने की कोशिश की लेकिन भारतीय सेना ने उसके मंसूबों पर पानी फेरते हुए कड़ा जवाब दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन रणनीतिक संयम और कड़े सैन्य जवाब का एक बेहतरीन उदाहरण था। जिसने सीमा पार बैठे आतंकियों को कड़ा संदेश दिया था।