Bahawalpur Jaish Headquarters: भारत के ऑपरेशन सिंदूर में निशाना बनाए गए जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित ठिकाने मरकज सुभान अल्लाह को कथित तौर पर फिर से तैयार कर लिया गया है। नई सैटेलाइट तस्वीरों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मई 2025 में भारतीय हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए इस परिसर में पिछले कई महीनों से बड़े पैमाने पर निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था। अब रिपोर्टों में दावा किया गया है कि परिसर का केंद्रीय हॉल और मस्जिद के क्षतिग्रस्त हिस्से दोबारा तैयार किए जा चुके हैं।
मरकज सुभान अल्लाह, जिसे जामिया सुभान अल्लाह परिसर के नाम से भी जाना जाता है, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में एन-5 राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित है। यह परिसर लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा माना जाता रहा है।
मई 2026 में इंडिया टुडे ने अमेरिकी स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी Vantor की हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण करते हुए बताया था कि परिसर में भारी मशीनरी और निर्माण वाहन नजर आ रहे थे। तस्वीरों में मस्जिद के क्षतिग्रस्त गुंबदों की मरम्मत के संकेत भी मिले थे।
अब अगस्त 2026 की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि केंद्रीय हॉल में प्लास्टर, पेंट और मार्बल का काम पूरा हो चुका है और परिसर के गुंबद भी दोबारा तैयार कर दिए गए हैं। यानी जिस ठिकाने को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारी नुकसान पहुंचा था, उसका बड़ा हिस्सा करीब 15 महीने बाद फिर खड़ा दिखाई दे रहा है।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 6-7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया था।
बाद में जारी सैटेलाइट तस्वीरों में बहावलपुर के मरकज सुभान अल्लाह में बड़े पैमाने पर नुकसान दिखाई दिया था। तस्वीरों में इमारतों की छतों में बड़े छेद, मलबा और क्षतिग्रस्त ढांचा नजर आया था।
हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि बहावलपुर परिसर पर हुए हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य मारे गए थे। इनमें उसके परिवार के करीबी सदस्य और बच्चे भी शामिल थे।
मसूद अजहर संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। वह भारत में 1994 में गिरफ्तार हुआ था और 1999 के IC-814 विमान अपहरण मामले के बाद रिहा किया गया था।
इस परिसर के दोबारा निर्माण ने पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। मई 2026 की रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि जैश से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए परिसर के पुनर्निर्माण के लिए धन जुटाने की कोशिशों के संकेत मिले थे।