अब मचेगी कल्पना से परे तबाही! किम जोंग-उन ने उतारा 5,000 टन का खूंखार विध्वंसक, दुश्मनों के छूटेंगे पसीने

North Korea Navy: उत्तर कोरिया ने 5,000 टन क्षमता वाला नया युद्धपोत 'चोए ह्योन' नौसेना में शामिल किया है। किम जोंग-उन के अनुसार, यह परमाणु शक्ति से लैस है।
Now, devastation beyond imagination will be unleashed! Kim Jong-un has rolled out a fearsome 5,000-ton destroyer; enemies will break into a cold sweat.
उत्तर कोरिया का चो ह्योन युद्धपोत, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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North Korea Navy Choe Hyon Destroyer: उत्तर कोरिया ने अपनी नौसैनिक शक्ति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करते हुए एक शक्तिशाली 5,000 टन क्षमता वाले नए विध्वंसक युद्धपोत को बेड़े में शामिल किया है।

देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने इस अवसर पर घोषणा की कि इस नए युद्धपोत के आने से नौसेना की लड़ाकू क्षमता अब 'कल्पना से परे' स्तर तक मजबूत हो जाएगी। राज्य मीडिया KCNA के अनुसार, यह कदम उत्तर कोरिया की सैन्य रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

नामपो बंदरगाह पर भव्य कमीशनिंग समारोह

इस नए प्रकार के बहु-मिशन विध्वंसक युद्धपोत का नाम 'चोए ह्योन' रखा गया है। इसका कमीशनिंग समारोह पश्चिमी बंदरगाह नामपो में आयोजित किया गया, जिसमें किम जोंग-उन खुद शामिल हुए। बता दें कि इस युद्धपोत का अनावरण पिछले साल अप्रैल में किया गया था और बेड़े में शामिल होने से पहले इसके कई सफल हथियार परीक्षण भी किए जा चुके हैं। किम ने इस विध्वंसक की तैनाती को एक रणनीतिक मोड़ बताते हुए कहा कि यह अब देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और अधिक विविधता और प्रभावशीलता प्रदान करेगा।

नौसेना की बदलती वैश्विक छवि

समारोह के दौरान अपने बधाई भाषण में किम जोंग-उन ने स्वीकार किया कि पहले उत्तर कोरियाई नौसेना को एक कमजोर शाखा के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उन्होंने 'चोए ह्योन' को सबसे परिपूर्ण और जटिल संचालन क्षमता से लैस बताया।

किम का लक्ष्य नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करने के कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाना है, ताकि इसे एक पूर्ण रणनीतिक सेवा के रूप में स्थापित किया जा सके। यह विध्वंसक अब पश्चिमी सागर बेड़े का हिस्सा होगा, जहां इसकी मुख्य जिम्मेदारी समुद्री सीमा की रक्षा और संभावित युद्ध को रोकना होगी।

भविष्य की विस्तारवादी रक्षा योजनाएं

किम जोंग-उन ने केवल एक युद्धपोत तक ही रुकने का संकेत नहीं दिया है। उन्होंने देश की पांच वर्षीय रक्षा विकास योजना के तहत हर साल दो 'चोए ह्योन' श्रेणी या उससे बड़े युद्धपोत बनाने का आह्वान किया है। इसमें 10,000 टन क्षमता वाले विशाल क्रूजर और रणनीतिक युद्धपोत भी शामिल होंगे।

'चोए ह्योन' के बाद जल्द ही 'कांग कोन' विध्वंसक को भी संचालन में लाया जाएगा। इसके साथ ही किम ने पानी के भीतर इस्तेमाल होने वाली हथियार प्रणालियों और एस्कॉर्ट जहाजों के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया है।

विदेशी तकनीक का संदेह

रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस विध्वंसक की तैनाती सीधे तौर पर दक्षिण कोरिया और पीला सागर क्षेत्र में उसकी सैन्य गतिविधियों पर दबाव बढ़ाने के लिए की गई है। विशेषज्ञों ने यह भी गौर किया है कि इस जहाज के वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) से क्रूज मिसाइलें दागी जा सकती हैं।

हालांकि प्योंगयांग इसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक बताता है, लेकिन कुछ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को संदेह है कि इसके क्लोज-इन वेपन सिस्टम में रूस की 'पैंत्सिर-एमई' नौसैनिक वायु रक्षा प्रणाली की झलक मिलती है, जो संभावित रूसी तकनीकी सहायता की ओर इशारा करती है।

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